रात तकरीबन साढ़े नौ बजे घर लौटकर आई। कमरा अंदर से बंद था। आवाज देने पर भी बेटी ने नहीं खोला। उन्होंने पड़ोसियों को बुलाकर दरवाजा खोला तो बेटी फंदे से लटकी थी। इस पर उसे उतारकर अस्पताल ले गए, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। रात तकरीबन दो बजे उन्होंने पुलिस को सूचना दी।
मां के टूट गए सपने
मां ने बताया कि बेटी को किसी तरह एक-एक पाई जोड़कर पढ़ा रही थीं। बेटी भी लगन से पढ़ाई कर रही थी। उन्हें लग रहा था कि बेटी उनके सपने पूरे करेगी। बेटे मजदूरी करते हैं। मगर, यह नहीं सोचा था कि डांटना उन्हें जिंदगी भर का गम दे जाएगा। बेटी आत्मघाती कदम उठा ले लेगी। मां को परिवार के लोग संभाल रहे हैं। उन्हें समझा रहे हैं। मां बार-बार एक ही बात कह रही हैं कि उनसे भूल हो गई। बेटी चली गई।