मां तो आखिर मां होती है। उसकी जगह कोई नहीं ले सकता है। अपने जिगर के टुकड़े को बचाने की खातिर वो मौत से भी लड़ जाती है। मथुरा जिले में एक मां जिंदगी की इस जद्दोजहद में किडनी देकर भी अपने लाडले की जान नहीं बचा सकी। ऐसी मां की ममता का किस्सा नौहझील के गांव बरौठ का है।
गांव बरौठ निवासी बीना देवी के पुत्र अनिल चौधरी (27) का बुधवार को निधन हो गया। वर्ष 2013 में अनिल की दोनों किडनी खराब हो गई थीं। इससे वो कमजोर होता जा रहा था। डॉक्टरों ने कहा कि जल्दी ही अनिल की किडनी का ट्रांसप्लांट नहीं किया गया तो उसके लिए बहुत मुश्किल हो सकती है।
वर्ष 2014 में परिवार वालों ने किसी तरह रुपयों का इंतजाम किया। अनिल की मां बीना देवी ने एक किडनी देकर अपने जिगर के टुकड़े की जान बचाई। किडनी ट्रांसप्लांट होने के बाद अनिल ठीक रहने लगा।