सीमांत क्षेत्र के गांवों के हैं अधिकांश लोग
जिन लोगों के नाम तीन राज्यों में दर्ज हैं उनमें बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं जो आगरा की सीमावर्ती गांव में रहते हैं। जिनके कार्ड आगरा में बने हैं लेकिन धौलपुर, ग्वालियर, भरतपुर, जयपुर के अलावा प्रदेश में आगरा के अलावा गैर जिलों जैसे मथुरा, फिरोजाबाद, हाथरस आदि जिलों के मूल निवासी हैं।
गलत सूचना पर जुर्माना और सजा भी संभव
राशन कार्ड में एक व्यक्ति का नाम एक ही जगह रह सकता है। पूर्ति अधिकारी के मुताबिक एक से अधिक जगह नाम दर्ज होने पर उन्हें हटाया जाएगा। राशन कार्ड के लिए गलत जानकारी देना अपराध है। ऐसे व्यक्तियों के विरुद्ध जुर्माना व कारावास का एक्ट में प्रावधान है।
राशन वितरण की भी कराई जाए जांच
खाद्य विभाग की सतर्कता समिति की सदस्य तुलसा देवी का कहना है कि अपात्र व फर्जी लोगों के नाम पर वितरित हुए राशन की भी जांच होनी चाहिए। पूरी प्रक्रिया जब ऑनलाइन है तो ऐसा फर्जीवाड़ा कैसे हुआ। विभागीय अधिकारी व कोटेदारों की मिलीभगत भी हो सकती है।
5900 से अधिक लोगों के नाम काटे जा चुके
जिला पूर्ति अधिकारी संजीव कुमार ने बताया कि 18,994 में से 5900 लोगों के नाम सत्यापन के बाद सूची से काटे गए हैं। संसोधित डाटा पोर्टल पर फीड कराया जा रहा है। करीब 12 हजार लोगों की जांच के लिए सभी तहसीलों के खाद्य अधिकारी व सहायक अधिकारी जुटे हुए हैं।