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Mathura: बांकेबिहारी मंदिर के निरीक्षण को पहुंचे डीएम का चश्मा छीन ले गया बंदर, अफसरों के छूटे पसीने

Sun, 21 Aug 2022 06:25 PM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
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डीएम का चश्मा छीन ले गए बंदर - फोटो : अमर उजाला
बांकेबिहारी मंदिर के निरीक्षण के लिए पहुंचे मथुरा के जिलाधिकारी का चश्मा लेकर बंदर भाग गया। कड़ी मशक्कत के बाद बंदर से जिलाधिकारी का चश्मा वापस मिल पाया। बंदर से चश्मा वापस दिलाने में प्रशासनिक अफसरों और पुलिस अधिकारियों के पसीने छूट गए।

मथुरा के जिलाधिकारी नवनीत चहल वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर पर निरीक्षण करने के लिए पहुंचे थे। जैसी ही डीएम मंदिर के पास पहुंचे तो अचानक से एक बंदर उनके चश्मे को लेकर भाग गया। हैरानी की बात तो ये है कि बंदर ने जिलाधिकारी के चेहरे से चश्मा कब उतार लिया, उन्हें इस बात की भनक ही नहीं लगी।  जिलाधिकारी का चश्मा लेकर भागते हुए बंदर के पीछे वहां तैनात पुलिस कर्मी दौड़ पड़े, लेकिन बंदर की फुर्ती के आगे सभी पीछे रह गए। पुलिसकर्मियों ने काफी प्रयास किया, लेकिन बंदर ने चश्मा नहीं दिया। फिर स्थानीय लोगों के साथ मंदिर के गोस्वामी और पुलिस कर्मियों ने बड़ी मुश्किल से बंदर के चंगुल से डीएम के चश्मे को वापस कराया।


 
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डीएम का चश्मा छीन ले गए बंदर - फोटो : अमर उजाला
वहीं इस पूरे मामले का वहां मौजूद लोगों ने वीडियो बना लिया, जो सोशल मीडिया पर तेजी के साथ वायरल हो रहा है। बंदर से चश्मा लेने के लिए जद्दोजहद करते स्थानीय लोग और पुलिसकर्मियों को चश्मा लेने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ी। 
 
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मिल ही गया चश्मा - फोटो : अमर उजाला
ऊंचे स्थान पर बैठकर बंदर मुंह चिढ़ा रहा था। उसे खाने-पीने से लेकर अन्य चीजों का लालच दिया गया, लेकिन बंदर डीएम का चश्मा छोड़ने को तैयार नहीं हुआ। घंटों की मशक्कत के बाद आखिर में बंदर ने डीएम का चश्मा वापस लौटाया।

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बांकेबिहारी मंदिर में मौजूद पुलिस - फोटो : अमर उजाला
बता दें जन्माष्टमी पर वृंदावन के ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में मंगला आरती के वक्त दर्दनाक हादसा हुआ था। ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में जन्माष्टमी पर शुक्रवार देर रात मंगला आरती के समय भीड़ के दबाव के कारण दम घुटने से दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी, जबकि सात घायल श्रद्धालु घायल हो गए थे। हादसे में 50 से 60 श्रद्धालु चोटिल भी हुए थे। घटना के बाद प्रशासनिक इंतजाम पर सवाल खड़े होने लगे हैं। इसे लेकर जिलाधिकारी आज वृंदावन में पहुंचे थे।
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बालकनी में खड़े आला अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
आरोप यह भी लगाया जा रहा है कि जिले के तमाम प्रशासनिक, पुलिस के अधिकारी अपने परिजनों सहित वीआईपी दर्शन करने में व्यस्त रहे। एक पुलिस अधिकारी ने अपने परिवार को वीआईपी गैलरी में दर्शन कराने के लिए कर्मचारियों को फटकार भी लगाई। कहा कि भीड़ हटाएं और इन्हें दर्शन कराने की व्यवस्था करें। रात दो बजे जब मंगला आरती शुरू होने से पहले ही भीड़ का दबाव काफी बढ़ गया था। भक्त बेहोश हो रहे थे। इस दौरान पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने पहले परिवारों को सुरक्षित वहां से निकाला। 
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