आगरा के रुनकता से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। कस्बे के मोहल्ला कचहरा थोक में एक बंदर महिला नेहा से उसके 12 दिन के बेटे आरुष उर्फ सनी को छीनकर ले गया और उसकी जान ले ली।
महिला उस समय बच्चे को दूध पिला रही थी। बंदर ने बच्चे की गर्दन पर दांत गड़ा दिए। बच्चे की तुरंत मौत हो गई। इसके बाद बंदर शव को लेकर भाग गया। लोगों के पीछा करने पर खून से लथपथ शव एक मकान की छत पर छोड़कर भाग गया।
घटना सोमवार रात करीब नौ बजे हुई। ऑटो चालक योगेश की पत्नी नेहा बच्चे को कमरे में दूध पिला रही थी। मेन गेट खुला था। कमरे का दरवाजा भी बंद नहीं था। तभी अचानक बंदर आया। नेहा कुछ समझ पाती, इससे पहले ही बंदर ने बच्चे पर झपट्टा मारा।
नेहा ने जिगर के टुकड़े को बचाने की कोशिश की लेकिन बंदर घुड़की देते हुए आगे बढ़ा और बच्चा छीन ले गया। नेहा ने फिर से लाल को बचाने की कोशिश की लेकिन उसके सामने ही बंदर ने दांतों से बच्चे की गर्दन पर काटा और फूल से नाजुक बदन पर नुकीले नाखून गड़ा दिए। इसके बाद बंदर बच्चे को मुंह में दबाकर भाग गया।
नेहा की चीख सुनकर आए परिवार और मोहल्ले के लोग बंदर के पीछे भागे। थोड़ी देर बाद एक छत पर उसने बच्चे को छोड़ दिया लेकिन तब तक बच्चे के सांसों की डोर टूट चुकी थी।
फिर भी चमत्कार की उम्मीद में परिजन उसे सिकंदरा स्थित दो हॉस्पिटल में ले गए। दोनों जगह डॉक्टरों ने उसे मृत बताया। यह सुनते ही नेहा बेहोश हो गई, योगेश फूट फूटकर रोने लगा। नेहा और योगेश की शादी दो साल पहले ही हुई थी। सनी उनकी पहली संतान था।
बंदरों के निशाने पर हैं मासूम
रुनकता कस्बे में मासूम बच्चे को बंदरों ने निशाने पर ले लिया है। लोगों का कहना है कि चार दिन पहले भी बंदर ने वाल्मीकि बस्ती में एक माह की बच्ची को काटा था। वह लहुलुहान हो गई थी। तब बंदर ने छोड़ा था। बच्ची निजी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती है।
शहर में भी खतरनाक हैं बंदर आगरा
शहर में रावली के सामने एक साल पहले बंदर ने युवक को धक्का दे दिया था। उसकी मौत हो गई थी। एक महीने पहले एमजी रोड पर बंदर बाइक सवार युवक के सामने अचानक आ गए थे। बाइक सवार युवक गिर पड़ा था। उसकी मौत हो गई थी।