आगरा के रुनकता क्षेत्र में सोमवार सुबह किसान का शव फंदे से लटका मिला। ग्रामीणों ने शरीर पर चोट व जलने के निशान देखकर पिटाई और करंट लगाकर हत्या की आशंका जताई। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने पांच घंटे तक शव नहीं उठने दिया। नारेबाजी भी की।
पुलिस ने आठ नामजद के खिलाफ हत्या और सुबूत मिटाने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है। इसके बाद ही शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका। आरोपी और पीड़ित पक्ष अलग-अलग जाति के होने के कारण गांव में जातीय तनाव हो गया। गांव में पीएसी तैनात करनी पड़ी।
थाना क्षेत्र के गांव लोहकरेरा निवासी राजाराम रविवार रात को फसल की रखवाली के लिए खेत पर गए थे। सोमवार सुबह एक ग्रामीण खेत पर चारा लेने आया। राजाराम का शव फंदे पर पेड़ से लटका हुआ मिला। इसकी जानकारी पर परिजन आ गए।
'हत्या कर पेड़ पर लटकाया शव'
मृतक किसान राजाराम का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
परिजनों का आरोप है कि रविवार शाम को खेत पर गांव की दलित बस्ती के गजराज का बेटा अजीत और रिश्तेदार शौच करने आए थे। राजाराम के बेटे रामकुमार ने शौच करने से रोक दिया था। इस पर दोनों ने रामकुमार की पिटाई कर दी थी।
उन्होंने पुलिस शिकायत की थी। दो सिपाही राजाराम के घर पर आए थे। वो सोमवार सुबह थाने आने की कहकर चले गए थे। रात में एक बजे के बाद गजराज, अजीत, हीरा का दामाद, देवी सिंह, उदय सिंह, छत्तर, राजवीर, टंपू आए। ट्यूबवेल पर आकर राजाराम की पिटाई की।
आरोप है कि पिटाई के बाद करंट लगाकर राजाराम की हत्या कर दी। सुबूत मिटाने के लिए शव को पेड़ पर लटका दिया। मौके पर एसडीएम किरावली गरिमा सिंह, सांसद चौधरी बाबूलाल के पुत्र रामेश्वर चौधरी आ गए। ग्रामीणों ने आरोपियों की गिरफ्तारी और मुआवजे की मांग की।
आरोपियों की तलाश
मौके पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी
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एसडीएम गरिमा सिंह ने मुआवजे के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखने का आश्वासन दिया। तब कहीं ग्रामीण शांत हुए। इसके बाद ही दोपहर 12 बजे शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका। इंस्पेक्टर थाना सिकंदरा का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
दलित बस्ती में घरों पर लटके ताले
नामजद आरोपी दलित बस्ती के है। एफआईआर के बाद वे घर छोड़कर परिवार सहित चले गए हैं। घरों पर ताले लटके हैं। घटना के बाद इलाके में जातीय तनाव बन गया है। पुलिस बल तैनात किया गया है।