आगरा के एसएन मेडिकल काॅलेज की इमरजेंसी में बृहस्पतिवार रात महिला मरीज के डॉक्टर की कुर्सी पर बैठने पर बखेड़ा हो गया। जूनियर डॉक्टर के टोकने पर महिला के साथ आए उसके बेटों ने अभद्रता कर दी। मारपीट पर उतारू हो गए। सूचना पर पुलिस पहुंची और दोनों को थाने ले गई। दोनों पर निरोधात्मक कार्रवाई की गई। इधर, इस घटनाक्रम की लोगों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दी। सोशल मीडिया पर लोग आरोपी पक्ष के समर्थन में हैं।
सदर के तारघर निवासी प्रखर राठौर और प्रतीक राठौर अपनी मां मोनिका राठौर (45) को छाती में दर्द की शिकायत पर इमरजेंसी लेकर पहुंचे थे। वहां से उन्हें मेडिसिन वार्ड में ले गए। मगर, सीने में दर्द होने की वजह से मां को एक कुर्सी पर बैठा दिया। कुर्सी डॉक्टर की थी। इस पर डॉक्टरों ने विरोध किया। उन्हें दूसरी जगह बैठने को बोला। आरोप है कि प्रखर और प्रतीक विवाद करने लगे। जूनियर रेजिडेंट प्रथम डाॅ. अनुपम शुक्ला ने सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने, मारपीट और गाली-गलाैज की धारा में मुकदमा दर्ज कराया है। थाना एमएम गेट के प्रभारी ने बताया कि आरोपियों को शांति भंग में पाबंद किया गया है।
वीडियो वायरल
इमरजेंसी में डॉक्टर और तीमारदारों के बीच हंगामा हुआ। इस दाैरान लोग भी माैजूद थे। घटना का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है। इसमें मरीज, तीमारदार, पुलिस के साथ गार्ड नजर आ रहे हैं। पुलिस ने इमरजेंसी में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी चेक किए हैं।
क्या बोले
- प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि मरीज को बेड पर बैठाने के लिए कहा था। इस पर तीमारदारों ने हंगामा और मारपीट की। इस पर एफआईआर दर्ज कराई है।
- मरीज मोनिका राठौर का कहना है कि हालत खराब होने पर गलती से कुर्सी पर बैठ गई थी। इस पर डॉक्टर ने अभद्रता की। इसका विरोध करने पर बेटों के साथ भी मारपीट की गई है।
सोशल मीडिया पर आरोपी पक्ष की अपील
शुक्रवार को पूरे प्रकरण को लेकर सोशल मीडिया पर एक संदेश भी वायरल हुआ। इसमें कहा गया कि वह मां को भर्ती कराने लेकर आए थे। इनमें हायर सेकेंडरी तो दूसरा इंजीनियरिंग कर चुका है। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा है। बच्चों के भविष्य को देखते हुए घटना पर खेद जताते हुए दयालु बनने की अपील की गई है। मामला को सुलझाने की गुहार भी लगाई गई है।