आगरा में गंगाजल की आपूर्ति बाधित होने से लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस गए। 12 लाख लोगों को वाटरवर्क्स से पानी नहीं मिला। ऐसे में लोग बाल्टियों के साथ उन घरों के बाहर लाइन में खड़े नजर आए, जिनके यहां सबमर्सिबल पंप लगे हुए हैं।
आगरा में 100 घंटे से शहर में पानी की आपूर्ति ठप है। बुलंदशहर के पालड़ा फॉल से चौथे दिन भी गंगाजल की आपूर्ति नहीं हुई, वहीं यमुना जल की कैलाश गांव में टूटी पाइपलाइन के कारण सिकंदरा वाटरवर्क्स भी बंद रहा। इससे शहर में शुक्रवार को पानी के लिए हाहाकार मच गया। शहर के 12 लाख से ज्यादा लोगों को पानी की आपूर्ति नहीं हुई। एक-एक बाल्टी पानी के लिए लोगों को सबमर्सिबल पंप वाले घरों में कतार लगानी पड़ी। जलकल अधिकारियों का दावा है कि शनिवार को सुबह कुछ जगह आपूर्ति शुरू हो जाएगी।
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चार दिन से जो पड़ोसी सबमर्सिबल पंप से पानी दे रहे थे, उन्होंने भी शुक्रवार को भीड़ देखकर हाथ खड़े कर दिए। जलकल विभाग के टैंकर पानी पहुंचाने में नाकाफी साबित हुए। छीपीटोला, चक्कीपाट, लोहामंडी, मदिया कटरा, गोकुलपुरा, बाड़ा चरन सिंह, जगदीशपुरा, किशोरपुरा, आवास विकास काॅलोनी, शांतिपुरम, सुभाष नगर, श्याम नगर, केदार नगर, लॉयर्स कालोनी, बल्केश्वर, जीवनी मंडी, दरेसी, रावतपाड़ा, मंटोला, ढोलीखार, हींग की मंडी, सदरभट्ठी, कलेक्ट्रेट, हलवाई की बगीची, सूर्य नगर, संजय प्लेस, घटिया आजम खान में लोगों को पानी के लिए भटकना पड़ा। सबमर्सिबल पंप और टीटीएसपी टंकियों के सामने पानी भरने वालों की लंबी कतार लगीं।
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पालड़ा में लग गया गेट, सुबह मिलेगा पानी
नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने जीएम जलकल अनिरुद्व भारती को हालात देखने के लिए बुलंदशहर भेजा था। उन्होंने बताया कि पालड़ा में गेट लगाने का काम पूरा हो गया है। शुक्रवार दोपहर को 80 क्यूसेक गंगाजल मिला है, यह आगरा तक 18 घंटे में पहुंच पाएगा। ऐसे में शनिवार सुबह तक कुछ क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति शुरू हो सकती है। शाम तक हालात सामान्य हो सकेंगे।
3 साल बाद जीवनी मंडी में यमुनाजल का शोधन
पानी की किल्लत बढ़ी तो पार्षद रवि माथुर, राकेश जैन ने नगर आयुक्त को जीवनी मंडी वाटरवर्क्स पर यमुना जल की पुरानी मोटरें चलाने का सुझाव दिया। वह नगर आयुक्त के साथ जीवनी मंडी वाटरवर्क्स पहुंचे। तब जलकल विभाग ने एक इंटेकवैल से यमुना का पानी लिया। 3 साल बाद यहां से 32 एमएलडी यमुनाजल लेकर शोधित किया गया। इससे पुराने शहर में सुबह जलापूर्ति हो सकेगी।
शाम को जोड़ी कैलाश गांव में पाइपलाइन
शुक्रवार दोपहर बाद सिकंदरा वाटरवर्क्स को यमुना जल आपूर्ति करने वाली 1600 मिमी पाइपलाइन की मरम्मत का काम पूरा हो गया। शाम तक लाइन सेट होने के बाद रॉ वाटर लेना शुरू कर दिया गया। इससे 144 एमएलडी एमबीबीआर प्लांट चालू हो जाएगा और सुबह तक यमुना जल की आपूर्ति शुरू हो जाएगी। यह लाइन बृहस्पतिवार की दोपहर में फट गई थी। तीन माह में यह लाइन तीन बार फट चुकी है।
टैंकरों की व्यवस्था कर रहा विभाग
प्रभावित इलाकों के लिए टैंकरों की व्यवस्था की गई है लेकिन पूरे शहर के लिए यह पर्याप्त नहीं है। फिर भी जरूरतमंद जलकल विभाग से पानी का टैंकर मंगाने के लिए टोल-फ्री नंबर 1800-2702722, कंट्रोल रूम नंबर-8192095401, व्हाट्सएप नंबर-8192095212 व अवर अभियंता विनीत चौधरी से 8192095732 पर संपर्क कर सकते हैं।
एक बार बता दें, कितने दिन का शटडाउन
शास्त्रीपुरम बी ब्लॉक निवासी रमेश ढल ने बताया कि एक बार में ही बता दें कि चार दिन पानी नहीं आएगा तो लोग अपनी व्यवस्था कर लेंगे, पर एक-एक दिन बताकर परेशान कर रहे हैं। खेरिया मोड़ निवासी राजकुमार नागरथ ने बताया कि पितृपक्ष में पानी नहीं मिल रहा। सुबह तर्पण और श्राद्ध के लिए परेशानी हो रही है। एक भी जनप्रतिनिधि लोगों की समस्या नहीं देख रहा।
4 सांसद, 10 विधायक, मेयर सब चुप
पांच दिन से पानी का संकट झेल रहे शहर में चार सांसद, 10 विधायक, मेयर, जिला पंचायत अध्यक्ष हैं, लेकिन पानी का संकट दूर करने के लिए किसी ने पहल नहीं की। आगरा से प्रदेश सरकार में केबिनेट मंत्री बेबीरानी मौर्य, योगेंद्र उपाध्याय हैं, लेकिन पांच दिन से बुलंदशहर के पालड़ा फॉल से पानी की आपूर्ति पूरी तरह से ठप है। हर माह पालड़ा से 4 से 7 दिनों का शटडाउन पानी में सिल्ट, नहर में लाश आने या अन्य तकनीकी कारणों के कारण हो रहा है। आगरा के 16 जनप्रतिनिधियों की चुप्पी लोगों को अखर रही है।
आज से राहत मिलेगी
जलकल प्रभारी महाप्रबंधक अनिरुद्ध भारती ने बताया कि पालड़ा का गेट लगने के बाद पानी मिल रहा है। शनिवार सुबह से कुछ राहत मिलेगी, दोपहर बाद से पानी अधिकांश क्षेत्रों में पहुंच जाएगा। सिकंदरा वाटरवर्क्स चालू होने से अब परेशानी नहीं होगी। जीवनी मंडी से भी यमुना जल लिया है।