गुरुद्वारा गुरु का ताल के पास एक पार्क में रात भर बैठी रहीं। बाद में सुबह एमजी रोड पर आकर घूमने लगीं। वह ग्वालियर रोड पर पहुंच गईं। शाहगंज की किशोरी की नानी दिल्ली में रहती हैं। दोनों ने दिल्ली जाने के बारे में पता किया। किसी ने धौलपुर से ट्रेन पकड़ने के बारे में बता दिया। वह धौलपुर चली गईं।
बिना टिकट पंजाब मेल में बैठ गईं। मगर, दिल्ली में नहीं उतर पाई। वह पंजाब की तरफ जाने लगीं। उधर, पुलिस को उनकी लोकेशन मिल गई। आरपीएफ की मदद से किशोरियों को ट्रेन से उतार लिया गया। सकुशल बेटियों के घर लौटने पर परिजन खुश हैं।