उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय
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आगरा में दो फर्जी मुकदमे दर्ज कर रवि कुशवाह और उसके परिवार के पांच लोगों को जेल भेजा गया था। मामले में मंत्री योगेंद्र उपाध्याय का नाम भी उछला। सोमवार को उन्होंने प्रेसवार्ता की तो वर्ष 2017 का एक मुकदमा भी सामने लाए। यह मुकदमा रवि कुशवाह के भाई शंकरलाल उर्फ शंकरिया पर लिखा था। तब उससे शराब बरामद की गई थी। दो आरोपी भाग गए थे।
मुकदमा 21 सितंबर 2017 को थाना जगदीशपुरा में लिखा गया था। मुकदमे के मुताबिक, वादी थाना जगदीशपुरा के एसआई महेश सिंह थे। शंकरलाल, मन्नू और अमित अग्रवाल को नामजद किया गया था। मन्नू रवि का भांजा है। वादी ने लिखाया था कि मुखबिर से सूचना मिली थी कि बैनारा फैक्टरी के पास सुरेंद्र सिंह के गैराज में वाहनों की आड़ में शराब बेची जा रही है। पुलिस ने दबिश दी। दो लोग भाग गए। शंकरलाल को पकड़ लिया। गैराज से 10 पेटी हरियाणा की शराब बरामद की गई।
तब शंकरलाल ने पुलिस को अपने साथियों के नाम बताए। एक अमित अग्रवाल था। वह प्रतापनगर में रहता था। बाद में शाहगंज में रहने लगा। वहीं दूसरा मन्नू है। पूछताछ में बताया था कि अमित अग्रवाल ही हरियाणा से शराब लेकर आता है। इस मामले में आरोपी शंकरलाल को जेल भेजा गया था। दो महीने बाद पुलिस ने चार्जशीट भी लगा दी थी। अब पुलिस ने करोड़ों की जमीन पर कब्जे के मुकदमे में अमित अग्रवाल को पिछले दिनों जेल भेजा है। डीसीपी सिटी सूरज राय ने बताया कि मुकदमे की डिटेल निकलवाई जा रही है।
चारपाई के नीचे रख दी थीं बोतलें
उधर, इस मुकदमे पर रवि कुशवाह के भाई मोहित कुशवाह का कहना था कि जिस तरह से पुलिस ने इस बार परिवार को फर्जी मुकदमे लिखकर जेल भेजा था, उसी तरह पहले भी साजिश की गई थी। सदर के रहने वाले सुरेंद्र सिंह उर्फ बिल्लू से वर्ष 2015 में रवि ने कुछ रकम उधार ली थी। रकम भाइयों के इलाज में खर्च की थी। वह रकम चुका नहीं पा रहा था। इसलिए बिल्लू ने गैराज पर कब्जा कर लिया। इसके बाद साजिश की गई। शंकरलाल चारपाई पर सो रहे थे। तब ही शराब की खाली बोतलें चारपाई के नीचे रख दी गई थीं। इस पर पुलिस ने पकड़ लिया था। मुकदमा दर्ज किया था। तब भी पैरवी नहीं कर सके थे। पूर्व में भी इसी तरह से जमीन पर कब्जे की कोशिश की गई थी।