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UP: निराश्रित गोवंश पालने पर हर महीने मिलेंगे छह हजार रुपये, बायोगैस से पकेगा भंडारे और शादी समारोह का खाना

Thu, 14 May 2026 10:30 PM IST
Arun Parashar संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा

सार

बायोगैस से भंडारे और शादी-विवाह का खाना पकेगा, जिससे गोशालाओं की आय बढ़ेगी और एलपीजी पर निर्भरता घटेगी। वहीं, अपर मुख्य सचिव मुकेश कुमार मेश्राम ने बताया कि निजी बायोगैस प्लांट लगाने पर जल्द ही 50 फीसदी सब्सिडी देने का प्रस्ताव लाया जा रहा है।
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बैठक लेते मंत्री धर्मपाल सिंह। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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आगरा में सर्किट हाउस में बृहस्पतिवार को पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने निराश्रित गोवंश संरक्षण व पशुपालन की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने एलान किया कि चार निराश्रित गोवंश पालने वाले किसानों को सरकार 6000 रुपये प्रतिमाह देगी, साथ ही पशु शेड भी उपलब्ध कराया जाएगा।
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बैठक में गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर खास जोर दिया गया। तय हुआ कि वृहद गो-संरक्षण केंद्रों पर गोबर गैस प्लांट और कम्युनिटी किचन बनाए जाएंगे। इन किचन में बायोगैस से भंडारे और शादी-विवाह का खाना पकेगा, जिससे गोशालाओं की आय बढ़ेगी और एलपीजी पर निर्भरता घटेगी। वहीं, अपर मुख्य सचिव मुकेश कुमार मेश्राम ने बताया कि निजी बायोगैस प्लांट लगाने पर जल्द ही 50 फीसदी सब्सिडी देने का प्रस्ताव लाया जा रहा है।

जनप्रतिनिधि करेंगे भूसा दान
मंत्री धर्मपाल सिंह की अपील पर भूसा-दान महा अभियान के तहत जिले के सभी विधायकों और सांसदों ने बेसहारा गोवंश के लिए 100-100 क्विंटल भूसा दान करने की घोषणा की। वहीं, एमएलसी विजय शिवहरे ने 200 क्विंटल भूसा देने का संकल्प लिया। बैठक में राज्यसभा सांसद नवीन जैन, विधायक डॉ. जीएस धर्मेश, डीएम मनीष बंसल और सीडीओ प्रतिभा सिंह समेत तमाम अधिकारी व जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
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बैठक में हुए यह फैसले
- 100 से कम गोवंश वाली गोशालाओं के गोवंश को 400 क्षमता वाले वृहद केंद्रों में शिफ्ट किया जाएगा।
- किसानों को सटीक जानकारी देने के लिए सभी ब्लॉकों में मौसम विज्ञान केंद्र खोले जाएंगे।
- चारागाह की जमीन से अवैध कब्जा हटाकर वहां हरे चारे के लिए नेपियर घास व सहजन की बुवाई होगी।
- गोशालाओं में गोबर से गो-काष्ठ (लकड़ी) बनेगी, जिसका इस्तेमाल दाह-संस्कार व हवन में किया जा सकेगा।



 
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