ग्रामीणों से मांगा दुर्घटना का हर वीडियो, फोटो
उड्डयन सुरक्षा निदेशालय की पांच सदस्यीय जांच टीम ने मिग-29 के मलबे का परीक्षण किया और घटनास्थल पर प्रत्यक्षदर्शियों से बात की। ग्रामीणों से उन्होंने विमान के गिरने, विस्फोट होने, पायलट के पैराशूट से उतरने, आग लगने समेत हर बारीक से बारीक बिंदु की जानकारी ली। उनके साथ आए एयरफोर्स अधिकारियों ने आसपास के खेतों तक जाकर पूरा क्षेत्र देखा और ग्रामीणों से मोबाइल फोन से रिकॉर्ड किए गए वीडियो भी लिए। दुर्घटनास्थल से कुछ दूर बने दो मकानों पर सीसीटीवी लगे हुए थे, उनके फुटेज भी जांचे।
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जांच होने तक खेत में ही रहेगा मिग-29 का मलबा
सोमवार शाम 4:30 बजे मिग-29 विमान के क्रैश होकर खेत में गिरने के बाद पहुंचे एयरफोर्स अधिकारियों ने खेत की बैरिकेडिंग कर दी थी। रात में ही एयरफोर्स ने यहां दो अस्थायी कैंप ऑफिस बना दिए, जहां दिन-रात एयरफोर्स के जवान सुरक्षा के लिए तैनात किए गए हैं। हादसे की उच्चस्तरीय जांच पूरी होने तक मिग-29 का मलबा खेत में ही रहेगा, जिसके चारों ओर बैरिकेडिंग कर दी गई हैं और किसी को भी विमान के पास जाने और कलपुर्जों को छूने की इजाजत नहीं है।
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