सोरोंजी (कासगंज)। सोरोंजी का वार्षिक अमृत कुंभ शुरू हो चुका है। मंगलवार से मार्गशीर्ष एकादशी के साथ ही अन्य स्नानपर्व भी शुरू हो जाएंगे, लेकिन पालिका की अनदेखी श्रद्धालुओं की भावनाओं को आहत करती दिखाई दे रही हैं। हरि की पौड़ी में स्वच्छ जल नहीं छोड़ा गया है। गंदगी तैर रही है और जल भी बेहद कम है। पुरोहितों ने आक्रोश जताते हुए मांग की है कि जल्द ही स्वच्छ जल छोड़ा जाए।
मार्गशीर्ष अमृत कुंभ के प्रथम स्नान पर्व मार्गशीर्ष एकादशी 14 दिसम्बर की तिथि नजदीक आ रही है। हरि की पौड़ी में जल की आपूर्ति गंगा नहर गोरहा से दी जाती है, लेकिन पिछले तीन माह में बीते सप्ताह केवल एक बार ही जल छोड़ा गया वो भी बेहद कम। ऐसे में पुरोहितों को चिंता है कि बिना पर्याप्त स्वच्छ जल के स्नान कैसे संपन्न होगा। गंगा भक्त समिति ने अपनी चिंता जाहिर करते हुए डीएम से हरि की पौड़ी में तुरंत पर्याप्त जल आपूर्ति कराने की मांग की है।
पुरोहितों की बात
- अमृत कुंभ में हरि की पौड़ी में डुबकी लगाकर देश के कोने-कोने से आए लाखों लोग पुण्य कमाते हैं। प्रशासन द्वारा हरि की पौड़ी में जल आपूर्ति करने में शिथिलता बरती जा रही है जो आपत्तिजनक है। - सतीश भारद्वाज, अध्यक्ष, गंगा भक्त समिति।
- लंबे समय से हरि की पौड़ी में निर्बाध जल आपूर्ति के लिए पाइप लाइन डाले जाने की मांग की जा रही है, लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। मांग को पूरा करने के उच्चस्तरीय प्रयास होने चाहिए। बृज कुमार गौड़, पूर्व शिक्षक।
- हरि की पौड़ी में जल आपूर्ति के लिए समय-समय पर पुरोहितों को आंदोलनात्मक कदम उठाने पड़ते हैं। बावजूद इसके जल आपूर्ति व जल प्रदूषण की समस्या बनी रहना प्रशासनिक नाकामी है। - मुनींद्र कुमार चौधरी, तीर्थपुरोहित।
- हरि की पौड़ी में जल और प्रदूषण की समस्या, गंदगी व आवारा पशुओं के विचरण की समस्या पर तत्काल रोक लगे, जिससे लोगाें के मन में इस नगरी के प्रति नकारात्मक संदेश ना जाए। - कैलाश चंद्र कटारे, अध्यक्ष गंगा सभा।
- हरि की पौड़ी में जल की आपूर्ति व स्वच्छता नगर पालिका की सर्वोच्च प्राथमिकता में है। गंग नहर गोरहा से जल आपूर्ति के लिए सिंचाई विभाग को निर्देशित करने के लिए जिला प्रशासन को पत्र लिखा गया है। पालिका निजी साधनों से पंपसेट चलवाकर हरि की पौड़ी में स्नान पर्व से पूर्व जल आपूर्ति कराएगी। - मुन्नीदेवी, सोरोंजी, नगर पालिका अध्यक्ष।