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आगरा: चिकित्सा मंत्री का तंज, प्रियंका को गंभीरता से नहीं लेती जनता, राजस्थान-छत्तीसगढ़ में शुरू कराएं योजनाएं

Wed, 27 Oct 2021 12:10 AM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला नेटवर्क, आगरा

सार

उत्तर प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना मंगलवार का आगरा पहुंचे। यहां उन्होंने एसएन मेडिकल कॉलेज के ऑडिटोरियम, पीजी छात्रावास, नर्सिंग कॉलेज और मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर का लोकार्पण किया।
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चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के 10 लाख रुपये तक निशुल्क इलाज के बयान पर तंज कसा। कहा कि देश की जनता उन्हें गंभीरता से नहीं लेती हैं। उनकी यूपीए की सरकार में महज 30 हजार रुपये तक ही निशुल्क इलाज मिलता था। केंद्र की मोदी सरकार ने आयुष्मान योजना के तहत पांच लाख रुपये तक का इलाज निशुल्क मिल रहा है। अगर प्रियंका वाकई में गंभीर हैं तो कांग्रेस शासित राजस्थान और छत्तीसगढ़ में इसकी शुरूआत क्यों नहीं करती हैं। 

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उत्तर प्रदेश में कोरोना मृत्युदर कम, केरल-महाराष्ट्र में अधिक
एसएन के ऑडिटोरियम में प्रेस से रूबरू होते हुए उन्होंने कहा कि 2017 से अब तक प्रदेश में पहले फेज में सात, दूसरे फेज में नौ और तीसरे चरण में 14 मेडिकल कॉलेजों का शिलान्यास होने जा रहा है। वित्त विभाग ने ईपीसी मोड लागू किया है, जिससे तय समय और तय लागत में ही योजनाएं पूरी करनी पडे़ंगी। टीकाकरण पर बोले कि देश में अभी तक विदेशी वैक्सीन ही लगती थीं, पहली बार मोदी सरकार ने कोविड जैसी बीमारी की स्वदेशी वैक्सीन बनवाई। प्रदेश में 14.67 करोड़ लोगों को डोज लग चुके हैं। कोविड में भी चिकित्सक और सरकार ने महत्ती भूमिका निभाई। प्रदेश में अन्य के मुकाबले मृत्यु दर भी कम रही। केरल, महाराष्ट्र जैसे प्रदेशों में मृत्युदर ज्यादा रही। अभी आगरा में कोरोना का एक और प्रदेश में महज पांच सक्रिय मरीज हैं। 

 

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बच्चों की मौत पर, बोले सरकार निभा रही अपना कर्तव्य 
जिले में डेंगू-वायरस बुखार से 100 से अधिक बच्चों की मौत पर चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने कहा कि डेंगू का नया स्ट्रेन मिला है। इसकी जांच के लिए लखनऊ और दिल्ली की टीम दो-दो बार निरीक्षण कर व्यवस्थाएं देखी हैं। डेंगू के मरीज मिलने पर इलाज, जांच की बेहतर व्यवस्था की गई है। सरकार संवेदनशील है और अपना कर्तव्य पूरी तरह से निभा रही है। 

मीठी बोली, विनम्र व्यवहार दवा का करता है कार्य
चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने चिकित्सकों को मरीजों के प्रति संवेदनशील बनने की नसीहत दी। कहा कि मीठी बोली, विनम्र व्यवहार दवा का कार्य करती है। आपकी हमदर्दी से मरीज का 50 फीसदी रोग ठीक हो जाता है। कहा कि मरीज झल्लाहट में उसका व्यवहार रूखा हो सकता है, लेकिन उसकी मनोदशा समझते हुए शालीन तरीके से पेश आएं। आपकी दवा और इलाज से उसे नई जिंदगी मिलती है। एप्रिन में आप ही उसे भगवान नजर आते हैं, जो उसे बचा सकते हैं। ध्यान रहे कि आपके बेहतर इलाज से आपका के साथ संस्थान, शहर और सरकार को भी ख्याति मिलती है। 

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