इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (आईईटी) में बीटेक इन मेकेनिकल और बीटेक इन इलेक्ट्रॉनिक्स के शिक्षकों बिना ही पढ़ाई हो रही है। यहां चार साल में कोर्स शुरू होने से अब तक शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हो पाई। ऐसे में आईईटी के अन्य शिक्षकों से पढ़ाई की खानापूर्ति हो रही है। अगले महीने से प्रवेश प्रक्रिया भी शुरू हो रही है।
आईईटी में सिविल, इलेक्ट्रिकल्स, कंप्यूटर साइंस, सिविल और इलेक्ट्रॉनिक्स में बीटेक कराई जाती है। हर कोर्स में 60-60 सीटें हैं। इनमें सिविल, इलेक्ट्रिकल्स और कंप्यूटर साइंस के 27 शिक्षक हैं, जबकि मेकेनिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स के शिक्षक ही नहीं हैं। यह कोर्स चार साल पहले शुरू हुआ था, तब से इनके विशेषज्ञ शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की। अन्य कोर्स के शिक्षक और मानव संसाधन विकास मंत्रालय से आने वाले प्रोजेक्ट के विशेषज्ञों से ही पढ़ाई कराई जा रही है। इससे छात्रों का भी अहित हो रहा है।
प्रयोगशाला का भी नहीं लाभ पा रहे छात्र
आईईटी में मानव संसाधन एवं विकास मंत्रालय ने आईईटी में 10 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक प्रयोगशाला बनाई है, जिसमें पांचों पाठ्यक्रम के छात्रों को प्रयोग कराना सिखाया जाता है। इसका इन दोनों कोर्स के छात्र लाभ नहीं ले पा रहे हैं।
एक बार फिर भेजा है पत्र
इन दोनों कोर्स में विशेषज्ञ शिक्षक नहीं हैं। इनकी नियुक्ति के लिए कई बार विश्वविद्यालय प्रशासन को पत्र लिखे जा चुके हैं। अगले महीने से प्रवेश प्रक्रिया शुरू होगी, इससे पहले एक बार फिर पत्र भेजा है। - प्रो. वीके सारस्वत, निदेशक आइईटी
...आकर पता कराता हूं
अभी मैं बाहर हूं। विश्वविद्यालय के आईईटी में बीटेक इन मेकेनिकल और बीटेके इन इलेक्ट्रिकल्स में शिक्षक नहीं हैं, इसका आकर पता करता हूं।
- संजीव कुमार सिंह, कुलसचिव
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