किलेबंदी नहीं भेद सके मंत्री व विधायक
जिले में भाजपा के दो-दो कैबिनेट मंत्री और दो विधायक होने के बाद भी मांट विधायक श्यामसुंदर शर्मा को पटखनी देने में नाकाम रहे। उन्होंने जिला पंचायत में 13 सदस्य जिताकर बसपा का झंडा फहरा दिया।
1995 में भाजपा के जीते थे 12 सदस्य
साल 1995 में भाजपा के 12 जिला पंचायत सदस्य जीतकर आए थे। हालांकि जिला पंचायत की अध्यक्ष रालोद नेता पूर्व मंत्री ठा. तेजपाल सिंह की धर्मपत्नी सुधा सिंह बनी थीं। उस समय भाजपा नेता जिला पंचायत के उपाध्यक्ष रामपाल सिंह थे। वर्ष 1999 में जिला पंचायत अध्यक्ष को सत्ताच्युत करके त्रिस्तरीय कमेटी के चेयरमैन की कमान रामपाल सिंह के हाथों में आ गई। उनके साथ कमेटी में पूर्व विधायक श्याम सिंह अहेरिया और किशोरी लाल सदस्य बनाए गए है। एक साल तक जिला पंचायत की यह सरकार चली।
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