मथुरा में नारायणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनीष यादव, अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष दिनेश शर्मा और श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्याय के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट महेंद्र प्रताप सिंह ने वाराणसी की ज्ञानव्यापी मस्जिद की तर्ज पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि व ईदगाह प्रकरण में शाही ईदगाह पर सर्वे की मांग की है। तीनों ने ही इस संबंध में अदालत में प्रार्थनापत्र दिया है। कहा है कि शाही ईदगाह परिसर का भी अधिवक्ता कमीशन द्वारा सर्वे किया जाना चाहिए। अदालत ने उनके प्रार्थनापत्र को स्वीकार कर एक जुलाई को सुनवाई का निर्णय लिया है।
इन लोगों ने दिया अदालत में प्रार्थनापत्र
पूरे देश में इस समय वाराणसी की ज्ञानव्यापी मस्जिद प्रकरण में अदालत द्वारा अधिवक्ता कमीशन से सर्वे कराया जाने का निर्णय चर्चा में बना हुआ है। ज्ञानव्यापी मस्जिद के संबंध में वाराणसी की अदालत द्वारा दिए गए गए अधिवक्ता कमीशन सर्वे के निर्णय को ध्यान में रखते हुए शुक्रवार को नारायणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष, अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष व श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्याय के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में प्रार्थनापत्र दिया।
उन्होंने प्रतिवादियों पर आरोप लगाया है कि वह ईदगाह परिसर से उन सबूतों को नष्ट कर सकते हैं, जिनसे स्पष्ट होता है कि भगवान श्रीकृष्ण का मंदिर तोड़कर ईदगाह तैयार की गई है। इस संबंध में अधिवक्ता कमीशन गठित किया जाना चाहिए। अदालत पहुंचे मनीष यादव ने बताया कि अदालत ने अधिवक्ता कमीशन संबंधी उनकी मांग के प्रार्थनापत्र पर एक जुलाई की तारीख सुनवाई के लिए तय की है।
इधर, एडवोकेट महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि ईदगाह स्थल ही श्रीकृष्ण जन्मस्थान का गर्भ गृह है। कमीशन सर्वे करे, ताकि वहां से सबूत नष्ट न किए जा सकें। क्योंकि वहां पर मंदिर के अवशेषों से छेड़छाड़ की जा सकती है।