गुरुवार को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी की गई सूची में गाजियाबाद देश का सबसे प्रदूषित शहर रहा, जबकि वृंदावन दूसरा, बुलंदशहर तीसरा और आगरा व बागपत चौथे प्रदूषित शहर रहे।
मथुरा के वृंदावन में वायु प्रदूषण बढ़ने से अब प्रशासन सख्त हो गया है। डीएम नवनीत सिंह चहल ने सख्त निर्देश दिए हैं कि पराली जलाने पर संबंधित किसान पर कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने गुरुवार को तहसील छाता के ग्राम पंचायत रनवारी में निरीक्षण किया और पराली के संबंध में आवश्यक बैठक की। उन्होंने कहा कि खेत में पराली जलाने पर कड़ी कार्रवाई करने के लिए टीम गठित है, जो घटनायें सामने आ रही हैं, उन पर कार्रवाई की जा रही है ।
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पराली जलाना दंडनीय अपराध
डीएम लोगों से कहा कि पराली जलाना सरकार ने दडंनीय अपराध माना है। उन्होंने कम्बाइन मालिकों को निर्देश दिये हैं कि जिन किसानों की धान की फसल कम्बाइन से कटाई की जाती है। वह यह सुनिश्चित कर लें कि कटाई के बाद फसल अवशेष नहीं जलायेंगे। यदि इसके बाद भी पराली जलाई गई तो किसान के साथ-साथ कम्बाइन मालिक पर कार्रवाई की जाएगी।
डीएम ने अधीनस्थ अफसरों को निर्देश दिए हैं कि अगर उनके क्षेत्र में पराली जलाने की घटना हुई तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि किसान को पराली को निकट की गौशालाओं में पराली दान करने अथवा बदले में खाद लेने की भी कार्य योजना बनाई गई है।
गुरुवार को दूसरा प्रदूषित शहर रहा वृंदावन
दिवाली के बाद से वृंदावन में वायु प्रदूषण बढ़ा है। गुरुवार को वृंदावन देश का दूसरा प्रदूषित शहर रहा, जहां एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 458 दर्ज हुआ। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी की गई सूची में गाजियाबाद देश का सबसे प्रदूषित शहर रहा, जबकि बुलंदशहर तीसरा और आगरा व बागपत चौथे प्रदूषित शहर रहे।