उत्तर प्रदेश के आगरा में जिस फल और सब्जी मंडी में करोड़ों का कारोबार होता है। वहां व्यापारियों और खरीदारों के पैर रखने के लिए सूखा जमीन तक नहीं है। पूरी मंडी में कीचड़ भरा हुआ है। इससे यहां आने वाले लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
दृश्य सिकंदरा स्थित फल और सब्जी मंडी का है। यह मंडी यूपी की बड़ी मंडियों में शुमार होती हैं। रोज करोड़ों का कारोबार होता है। यहां का हाल खराब मंडी के कारोबारी और यहां आने वाले किसान मुश्किलों से जूझ रहे हैं।
सिकंदरा मंडी रात 2 बजे से गुलजार होने लगती है। सुबह 4 बजे से खरीदारी शुरू हो जाती है। करोड़ों का कारोबार है। तगड़ा मंडी शुल्क बनता है। तब भी समस्यायों का निदान नहीं हैं। यहां के कारोबारियों और किसानों का कहना है कि पेयजल की दिक्क़त है। पानी खरीदकर पीना पड़ता है। शौचालय प्रयोग के लायक नहीं हैं। साफ-सफाई की कमी हैं। बरसात में कीचड़ और जलभराव है। कोई सुनने वाला नहीं है।
मंडी में सुबह से शाम तक करीब 20 से 30 हजार लोगों का आना-जाना होता है। यहां से फुटकर दुकानदार, होटलों, ढाबों के कर्मचारी, छोटे बाजारों के दुकानदार सब्जी, फल ले जाते हैं। शहर के लोग घरेलू उपयोग के लिए खरीदारी करने यहां पहुंचते हैं। इन्हें समस्यायों से जूझना पड़ रहा है।