कासगंज। गणेश चतुर्थी पर्व पर इस बार प्रीति योग, सर्वार्थ सिद्धि योग, नव पंचम राजयोग, रवि के साथ इंद्र-ब्रह्म योग का संयोग बन रहा है। इन योगों को ज्योतिष काफी शुभ मान रहे हैं। ज्योतिषाचार्यों का मानना है मंगल मूर्ति लोगों के विघ्नों का हरकर कृपा बरसाएंगे।
ज्योतिषाचार्य भरतराम गौड़ बताते हैं कि गणेश चतुर्थी भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता है। इस दिन भगवान गणेश का जन्म हुआ था। इस दौरान भक्त घरों, दफ्तरों, दुकानों और मंदिरों में गणपति महाराज की मूर्ति स्थापित करते हैं और 10 दिनों तक पूजा करते हैं। इस साल गणेश चतुर्थी 27 अगस्त को मनाई जाएगी। विसर्जन 6 सितंबर अनंत चतुर्दशी को होगा। इस बार गणेश चतुर्थी पर प्रीति, योग सर्वार्थ सिद्धि योग, नवपंचम राजयोग, रवि के साथ इंद्र-ब्रह्म योग का संयोग भी बन रहा है। यह भक्तों के लिए विशेष फलदायी है।
गणेश स्थापना का शुभ मुहूर्त : शास्त्रों के अनुसार भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि पर मध्याह्न में भगवान गणेश का जन्म हुआ था। ऐसे में गणपति स्थापना मध्याह्न काल में शुभ होती है, इसलिए 27 अगस्त को सुबह 11 बजकर 05 मिनट से लेकर दोपहर 01 बजकर 40 मिनट तक गणपति की स्थापना होगी।