रामदास ने बताया है कि गांव में किसी से रंजिश नहीं है। तीन माह पूर्व करीब साढ़े तीन बीघा खेत की बिक्री की थी। तब मृतक के पुत्र दीपू और मोनू साथ में थे और रकम भी वे ले गए। रामवीर गांव में अकेले रहते हैं जबकि दोनों पुत्र फरीदाबाद में नौकरी करते हैं, वहीं पर पत्नी रहती हैं। हत्या क्यों और किसने की है, समझ नहीं पा रहे हैं। पुलिस ने रामदास की सूचना पर ही शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। अब तक किसी के खिलाफ कोई मुकदमा नहीं दर्ज कराया गया है।
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किसान की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या की गई है। मृतक के परिजनों की ओर से अब तक किसी पर भी शक नहीं जताया जा रहा है और न ही कोई तहरीर दी गई है। फिर भी मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।
- सुनील कुमार सिंह, एसएसपी