आगरा के विशेष न्यायाधीश पोक्सो एक्ट प्रमेंद्र कुमार ने आठ साल की बालिका की अपहरण और दुष्कर्म के बाद हत्या के आरोपी मुकेश को दोषी पाया। उसे आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
थाना इरादतनगर में दर्ज मुकदमे के मुताबिक, आठ साल की बालिका 21 नवंबर 2013 को रात 7:30 बजे घर से अपने बाबा को खाना देने सरकारी टंकी स्थित कमरे पर गई थी। मगर, काफी देर बाद भी घर वापस नहीं आई। इस पर परिजनों ने बेटी की तलाश की। रास्ते में खाने की थाली पड़ी मिली। खेत में कुछ कपड़े मिले।
गला दबाकर की थी हत्या
आगे देखने पर पता चला कि मुकेश बालिका के साथ दुष्कर्म कर रहा था। उसका मुंह दबाए था। परिजनों को आता देखकर मुकेश ने बालिका का गला दबा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद भाग गया।
विचारण के उपरांत सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (विशेष लोक अभियोजक) विमलेश आनंद के तर्क और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर कोर्ट ने आरोपी को आजीवन कारावास और 50 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड से आधी राशि पीड़िता के पिता को दिलाने के आदेश किए। प्रतिकर के लिए आदेश की प्रति जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को प्रेषित करने के आदेश किए हैं।