मैनपुरी। जिला पंचायती राज विभाग में कार्यालय में तैनात एक सफाईकर्मी पर सफाई कर्मियों का वेतन अपने व पत्नी के खाते में भेजे जाने का आरोप लगा था। 32 लाख रुपये गबन का मामला सुर्खियों में आने के बाद तत्कालीन डीपीआरओ ने केस दर्ज कराया था। जांच हुई और सफाई कर्मी पर सभी आरोप तय हुए। मगर, गबन की गई धनराशि में से आठ लाख रुपये अभी तक जमा नहीं हुए हैं। जबकि दोषी सफाईकर्मी सदर ब्लॉक में काम कर रहा है। वर्तमान डीपीआरओ अनंतिम तैनाती की बात कह रहे हैं। मगर, धनराशि वसूली को लेकर सिर्फ नोटिस जारी करने की बात कह रहे हैं।
बता दें कि पंचायती राज विभाग में वर्ष 2017 से 2020 के बीच कार्यालय में तैनात सफाई कर्मचारी कुलभूषण सिंह ने सफाई कर्मियों के वेतन की धनराशि अपने और पत्नी के खाते में डाल ली थी। प्राथमिक जांच के बाद तत्कालीन मुख्य विकास अधिकारी ईशा प्रिया ने तीन सदस्यीय समिति गठित कर जांच के आदेश दिए थे। इसके बाद तत्कालीन डीपीआरओ स्वामीदीन ने सफाई कर्मी कुलभूषण सिंह के खिलाफ 2017 से लेकर 2020 तक सफाई कर्मचारियों के वेतन से जुड़े 32 लाख रुपये हड़पने का केस दर्ज कराया था। बताया था कि गबन किया गया रुपया सफाई कर्मियों के खातों में भेजा जाना था, मगर कुलभूषण ने सफाई कर्मियों के खातों में रुपया भेजने की बजाय फर्जी तरीके से नए खाता नंबर तैयार किए।
इसके बाद अपने, पत्नी व एक अन्य महिला के खातों में तीन साल तक हर माह सफाई कर्मियों का मासिक वेतन डालता रहा। वर्तमान में यह मामला अब फाइलों में दम तोड़ चुका है। कार्यालय में सारा काम जारी है। मगर गबन किए गए 32 लाख रुपये में आठ लाख रुपये अभी तक जमा नहीं हुए है। वसूली को लेकर किसी का कोई ध्यान नहीं है। जानकारी मिली है कि वर्तमान में दोषी बनाया गया सफाईकर्मी सदर ब्लॉक में काम कर रहा है। कुल मिलाकर सफाई कर्मियों के वेतन के गबन का ये मामला विभाग के ही कुछ कर्मियों के संरक्षण में अब दफन किया जा चुका है।
सिर्फ सफाईकर्मी पर ही लाद दिए सभी आरोप, कई कर्मी बचाए गए
जिला पंचायती राज में सफाई कर्मियों के वेतन घोटाले की जांच में सिर्फ सफाई कर्मी कुलभूषण पर ही सारे आरोप लगाते हुए गबन की धनराशि जमा करने को लेकर कार्रवाई की गई। मगर, एक सफाईकर्मी लगातार तीन साल तक धांधली करता रहा, इसकी भनक किसी को भी नहीं लगी। यह बात गले नहीं उतरती। वेतन घोटाले के मामले में जो तथ्य जांच व कार्रवाई के लिए होने चाहिए। उन्हें शायद दरकिनार कर दिया गया है। सफाईकर्मी से पटल पर काम करवाने वाले, वेतन जानी करने वाले पासवर्ड की उपलब्धता कराने वाले कर्मियों को शायद बचाने का काम किया गया है।
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विभाग ने जारी है नोटिस
जिला पंचायती राज विभाग से मिली जानकारी के अनुसार दोषी सफाईकर्मी पर अब गबन के आठ लाख रुपये शेष है। जिन्हें जमा कराए जाने को लेकर 6 माह पूर्व नोटिस जारी किया जा चुका है। अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है, एक और नोटिस जारी किया जाएगा। इसके बाद भी यदि गबन की धनराशि जमा नहीं की जाती तो बर्खास्तगी की कार्रवाई को लेकर प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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दो बाबुओं की रोकी गई थी वेतन वृद्धि
32 लाख रुपये के गबन के मामले में एक सफाईकर्मी से वसूली के आदेश दिए गए। मगर, पटल पर काम कराने वाले दो बाबुओं पर सिर्फ वेतन वृद्धि पर ही रोक लगाई गई। यह रोक अभी तक प्रभावी है या नहीं, इस बारे में विभाग से कोई सही जानकारी नहीं मिल सकी है।
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वर्जन
गबन के मामले में अभी आठ लाख रुपये की शेष धनराशि जमा नहीं हुई है। विभाग की ओर से नोटिस जारी किया गया है। अभी दोषी कर्मी को अनंतिम तैनाती दी गई है। गबन की गई संपूर्ण धनराशि जमा कराने को लेकर कार्रवाई चल रही है।
डॉ. अवधेश सिंह, डीपीआरओ