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Lok Sabha Election: अखिलेश के पैंतरे ने भाजपा की उड़ाई नींद, बीजेपी विधायक पार्टी प्रत्याशी का ही कर रहे विरोध

Thu, 04 Apr 2024 10:52 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

Lok Sabha Election: अखिलेश यादव के पैंतरे ने भाजपा की नींद उड़ा दी है। दूसरी तरफ बीजेपी विधायक पार्टी प्रत्याशी का ही विरोध कर रहे हैं। 
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गृहमंत्री अमित शाह , सपा मुखिया अखिलेश यादव - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश की आगरा लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी ने सुरेश चंद कर्दम को प्रत्याशी बनाया है। सपा ने एक तीर से दो निशाने लगाए हैं। एक तरफ सपा में अंदरखाने हो रही गुटबाजी को थामा है, दूसरी तरफ अनुसूचित वर्ग के मतदाताओं को साधने का प्रयास किया है।

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सपा में जिला से लेकर महानगर तक में कई गुट हैं। इनकी आपसी खींचतान का नुकसान पार्टी को उठाना पड़ रहा था। टिकट की दौड़ में भी अलग-अलग गुट के दावेदार लखनऊ की परिक्रमा में जुटे थे। सोमवार रात को सपा मुखिया अखिलेश यादव ने अटकलों पर विराम लगाते हुए नए चेहरे पर दांव खेला है।

सुरेश चंद कर्दम का राजनीतिक रसूख नहीं, लेकिन सामाजिक तौर पर वह लंबे समय से सक्रिय हैं। वर्ष 2000 में बसपा से मेयर प्रत्याशी का चुनाव लड़ चुके हैं। प्रत्याशी की घोषणा के बाद पार्टी पदाधिकारी भी एकजुट नजर आ रहे हैं। बुधवार को फतेहाबाद रोड स्थित जिला कार्यालय पर बैठक होगी।

बेटे को निर्दलीय उतारेंगे मैदान में... 

बताते चतलें कि भाजपा विधायक चौधरी बाबूलाल ने बेटे डॉ. रामेश्वर चौधरी को बीजेपी प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव लड़ाने का एलान किया है। डॉ रामेश्वर चौधरी द्वारा फतेहपुर सीकरी लोकसभा सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा के बाद भाजपा खेमे में हलचल मची हुई है। 

डॉ रामेश्वर चौधरी खुले मंच से राजकुमार चाहर की उम्मीदवारी का  विरोध कर रहे हैं। हालांकि अभी तक भाजपा की तरफ से इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। इसी बीच डॉ रामेश्वर चौधरी मंगलवार को किरावली में महापंचायत भी की। इस दौरान भाजपा विधायक चौधरी बाबूलाल भी मौजूद रहे। महापंचायत के बाद रामेश्वर चौधरी के चुनाव लड़ने का एलान किया गया। 
 
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नेतृत्व ने प्रत्याशी नहीं बदला तो...

इस मौके पर विधायक बाबूलाल ने कहा कि शीर्ष नेतृत्व सीकरी सीट पर प्रत्याशी बदलने का निर्णय ले। यदि प्रत्याशी बदल जाता है तो मेरा बेटा चुनाव नहीं लड़ेगा। लेकिन, यदि प्रत्याशी नहीं बदला जाता है तो मेरा बेटा निर्दलीय चुनाव लड़ेगा। भाजपा विधायक के बेटे के चुनाव लड़ने की घोषणा निसंदेह भाजपा के लिए मुश्किलें बढ़ सकती है। 
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