आगरा। दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम (डीवीवीएनएल) प्रबंध निदेशक कार्यालय में बृहस्पतिवार को जांच के लिए लोकायुक्त टीम ने रिकॉर्ड खंगाले। शुक्रवार को भी जांच चलेगी। टीम में पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी हैं। दो दिन टीम आगरा में रहेगी। यह जांच कानपुर निवासी सोमेंद्र मेहता की शिकायत पर शुरू की गई है।
कानपुर निवासी सोमेंद्र मेहता डीवीवीएनएल में ठेकेदार थे। 11वें और 12वें वित्त आयोग से हुए कार्यों में उन्हें ठेके मिले। डीवीवीएनएल एमडी अमित किशोर ने बताया कि फर्म की बैंक गारंटी व अन्य दस्तावेजों में गड़बड़ियां मिलने पर फर्म के विरुद्ध 2013-14 में कार्रवाई की गई थी। उनके भुगतान रोक दिए। जिसकी शिकायत पीड़ित ने लोकायुक्त संगठन में की। उन्होंने बताया कि पूर्व में ठेकेदार के विरुद्ध आर्थिक अपराध शाखा से भी जांच हो चुकी है। बृहस्पतिवार को लोकायुक्त संगठन की तीन सदस्य टीम सुबह आठ बजे सर्किट हाउस पहुंची। दोपहर 10 बजे से 2 बजे तक करीब चार घंटे एमडी कार्यालय में फर्म के कार्यों से जुड़े रिकॉर्ड जांचे गए। शुक्रवार को टीम स्थलीय निरीक्षण करेगी। विद्युत विभाग के अधिकारियों के बयान दर्ज होंगे। पीड़ित के साक्ष्यों की जांच के बाद टीम अपनी रिपोर्ट लोकायुक्त को प्रस्तुत करेगी।