कांग्रेस: किसानों के लिए अलग से बजट
कांग्रेस ने जो अपना घोषणापत्र जारी किया है उसमें कहा है कि रेल बजट की तरह से किसानों के लिए अलग से बजट होगा। किसानों को भी पता होगा कि उनके लिए कितना पैसा दिया और कितना खर्च हुआ। कर्ज नहीं चुका पाने वाले किसानों पर कोई आपराधिक मुकदमा भी दर्ज नहीं होगा। किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए प्लान तैयार किया जाएगा। खेती को फायदे का सौदा बनाया जाएगा। किसानों के लिए कई अन्य योजनाएं लाने का भी दावा कांग्रेस के घोषणापत्र में किया गया है।
भाजपा: किसान क्रेडिट कार्ड पर एक लाख का कर्ज पांच साल तक ब्याज मुक्त
भाजपा ने जो अपना घोषणापत्र जारी किया है उसमें कहा कि हमारी सरकार 2022 तक किसानों की आय दोगुना कर देगी। इसमें काफी हद तक कामयाबी भी किसानों को मिली है। किसान क्रेडिट कार्ड पर अभी तक जो लोन मिलता था उस पर अगले पांच साल के लिए शून्य ब्याज दर लगेगी। 6000 रुपये सालाना आर्थिक मदद अब केवल दो हेक्टेयर वाले किसानों के लिए ही नहीं, बल्कि देश के सभी किसानों को मिलेगी। छोटे और खेतिहर किसानों को 60 साल की उम्र के बाद पेंशन दी जाएगी।
सपा: किसानों का पूरा कर्ज माफ करने के पक्ष में
समाजवादी पार्टी ने लोकसभा चुनाव के लिए जो अपना घोषणापत्र जारी किया है उसमें कहा है कि उनकी पार्टी किसानों का पूरा कर्ज माफ करने के पक्ष में है। किसानों को खाद, बीज बिजली तो भरपूर उपलब्ध होगी ही किसानों की उपज को खरीद के लिए भी सरकार व्यवस्था करेगी। हम केवल दावा नहीं करेंगे बल्कि किसानों की आय को बढ़ाएंगे।
रालोद: खाद, पानी सस्ता होगा बिजली बिल माफ होंगे
रालोद भी किसानों को लुभाने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है। रालोद नेता जगह जगह सभाएं करके दावा कर रहे हैं कि खाद को सस्ता किया जाएगा। बिजली के पुराने बिल माफ करेंगे। नहरों का संचालन लगातार किया जाएगा। आलू खरीदने के लिए भी इंतजाम किए जाएंगे। फूड प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित कराए जाएंगे।