लगभग सवा महीने मैनपुरी की रफ्तार थमी रही। न सड़कों पर फर्राटा भरते वाहन दिखाई दिए और न ही बाजारों में शोरगुल। लॉकडाउन के तीसरे चरण में मिली रियायत के बाद एक बार फिर मैनपुरी शहर चल पड़ा। सोमवार सुबह साढ़े सात बजे से बाजार खुले तो दुकानदार और ग्राहक दोनों के चेहरे खिल गए। सामाजिक दूरी का पालन कराने के लिए जगह-जगह पुलिस तैनात रही।
मैनपुरी जिला ऑरेंज जोन में आता है। यहां मिले आठ कोरोना संक्रमितों में से सात ठीक हो चुके हैं। 24 अप्रैल के बाद से अब तक कोई पॉजिटिव केस भी नहीं आया है। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही मैनपुरी कोरोना संक्रमण मुक्त हो जाएगा। जिले में करीब 40 दिन बाद लॉकडाउन के तीसरे चरण में छूट दी गई है।
बिजली के सामान और स्टेशनरी की दुकानें तो पहले ही खुल गई थीं, लेकिन सोमवार को परचून, कॉस्मेटिक्स, गिफ्ट सेंटर व अन्य जरूरी सामान की दुकानों को भी शर्तों के साथ खोलने की अनुमित मिल गई। इसमें विशेष तौर पर बाजारों से दूर की दुकानों को ही खुला गया। लोगों को खरीदारी की अनुमति मिली तो सोमवार को लोग सड़कों पर नजर आए।
सामाजिक दूरी का पालन कराने में छूटे पसीने
बाजार में दुकानें खुलीं तो लोग अधिक संख्या में पहुंचे। ऐसे में सामाजिक दूरी बनाने और मास्क का प्रयोग कराने में पुलिस प्रशासन के पसीने छूट गए। सामाजिक दूरी का पालन कराने के लिए बाजारों में पुलिस तैनात है। दुकानों के बाहर गोल घेरे भी बनाए गए हैं।
शराब की दुकानों के बाहर लगी कतार
जिले में बाजार के साथ शर्तों के साथ शराब की दुकानें भी खोलने की अनुमति है। ऐसे में 40 दिन बाद जब ठेके खुले तो शराब के शौकीन खरीदने के लिए उमड़ पड़े। शहरी क्षेत्र में सामाजिक दूरी सहित अन्य नियमों का पालन हुआ, लेकिन देहात में सामाजिक दूरी का पालन नहीं हुआ। इस पर यहां पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई।
एक ही प्रार्थना सब ठीक रहे
लॉकडाउन में छूट मिलने के बाद अब हर किसी की बस एक ही प्रार्थना है कि अब मैनपुरी में हालात सामान्य रहें। बाजार में सामान लेने आए अधिकांश लोग बस यही चर्चा करते रहे। दुकानदार भी दुकानें खुलने के बाद खुश नजर आए। हर कोई यही चाहता है कि मैनपुरी से कोरोना दूर रहे और लोग खुश रहें।