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आगरा जहरीली शराब कांड़: 24 घंटे ठेकों पर बिकती है शराब, परिजनों की शिकायत पर जांच के आदेश

Thu, 26 Aug 2021 11:30 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा

सार

ठेका संचालकों के एजेंट गांव-गांव फैले हुए हैं। दुकान और खोखों पर भी पौव्वा 50 से 60 रुपये में आसानी से मिल जाता है। इतना ही नहीं, 20 से 30 रुपये में आधा पौव्वा भी उपलब्ध है। 
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शराब का क्वार्टर दिखाते ग्रामीण - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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साहब, गांव में शराब बिक्री की हकीकत जाननी है तो रात में आइए। ठेके सुबह पांच बजे से खुल जाते हैं, रात में किसी भी समय शटर बजाते ही शराब मिल जाती है। इतना ही नहीं, ठेका संचालकों के एजेंट गांव-गांव फैले हुए हैं। दुकान और खोखों पर भी पौव्वा 50 से 60 रुपये में आसानी से मिल जाता है। इतना ही नहीं, 20 से 30 रुपये में आधा पौव्वा भी उपलब्ध है। 

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 डौकी के कौलारा कला और नगला देवरी में ग्रामीणों ने एडीजी राजीव कृष्ण और कमिश्नर अमित गुप्ता से बातचीत में यह बात कही है। कौलारा कलां में अधिकारियों ने एक-एक करके मृतकों के परिजनों को बुलाया था। उनकी बात को सुना। शराब बिक्री के बारे में पूछताछ की। परिजनों का कहना था कि गांव में शराब खोखों और घरों से अवैध तरीके से बेची जा रही है। इसके अपमिश्रित और जहरीली होने की आशंका होती है। मगर, नशे की लत पूरी करने के लिए लोग शराब की गुणवत्ता के बिना ही खरीद लेते हैं। पुलिस से शिकायत पर भी सुनवाई नहीं होती है। कई बार पुलिस उल्टा शिकायत करने वाले को ठेका संचालक के सामने खड़ा कर देती है। इससे उनकी रंजिश भी बन जाती है। इस कारण कोई कुछ नहीं कहता है। रात में भी शराब के ठेके में सेल्समैन रहते हैं। शटर बजाने पर वह शराब उपलब्ध करा देते हैं। ठेका संचालक से कुछ लोग बड़ी मात्रा में शराब लेकर जाते हैं। वह गांव में खोखे और दुुकानों पर शराब बेचते हैं। इसके लिए कम कीमत भी लेते हैं। 

गांव पहुंचे एडीजी राजीव कृष्ण और एसपी देहात - फोटो : अमर उजाला
घर से शराब बेचता है पप्पू 
नगला देवरी में ग्रामीणों ने पुलिस से शिकायत की कि पप्पू घर से शराब की बिक्री करता है। जब वो नहीं होता है तो पत्नी शराब बेचती है। 50 रुपये का पौव्वा देते हैं। इनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। समाजसेवी विजय सिंह लोधी ने इस संबंध में शिकायत की है। उन्होंने कार्रवाई की मांग कर रही है। 
बाई और माही बेचते हैं शराब 
कौलारा कला में ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि गांव में दो लोग शराब बिक्री के लिए जाने जाते हैं। इनमें एक माही और दूसरा बाई है। यह दोनों कभी शराब उपलब्ध करा देते हैं। कई बार इनकी शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इस वजह से शराब बिक्री पर रोक नहीं लग पा रही है।

तीव्रता बढ़ाने के लिए यूरिया मिलाकर बनाते हैं शराब : महेश मिश्र 
सेवानिवृत्त डीआईजी महेश कुमार मिश्र ने बताया कि ठेकों से लेकर गांवों तक में अवैध तरीके से शराब बिकती है। हरियाणा से सस्ती शराब को खरीदकर लाया जाता है। एक बोतल से चार बोतल बना दी जाती है। कई बार मिथाइल अल्कोहल मिलाकर शराब तैयार की जाती है। इससे शराब जहरीली हो जाती है। वहीं तीव्रता बढ़ाने के लिए यूरिया भी मिलाया जाता है। इस तरह की शराब पीने से मल्टी ओर्गन फेल्योर हो जाता है। सबसे पहले आंखों की रोशनी जाती है। बाद में चक्कर और उल्टी होने लगती हैं। फेफड़े और किडनी भी खराब हो जाती है। इस तरह से मामलों पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण पता नहीं चल पाता है। इस कारण विसरा की जांच कराई जाती है। अगर, इसे प्राथमिकता पर लिया जाए तो 24 घंटे में मिल सकती है। इसमें शराब में हुए अपमिश्रण का पता चल जाता है।

जहरीली शराब पीने से हुई मौत - फोटो : अमर उजाला
सभी की जिम्मेदारी तय की जाएगी :एडीजी 
एडीजी राजीव कृष्ण ने बताया कि कौलारा कला में मृतकों के परिजन और ग्रामीणों से बात की। उन्होंने पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। कब शराब ली, कब तबीयत खराब हुई, इसकी जानकारी दी। इसमें कुछ लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में भी लिया गया है। अलीगढ़ की तरह आगरा में भी संगठित तरीके से अपराध किया जा रहा होगा तो कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अब तक दस लोगों की मौत शराब पीने के बाद कही जा रही है। जिनका पोस्टमार्टम हुआ है, उनके विसरा की जांच कराई जा रही है। जांच सभी दिशाओं में चल रही है। शराब के अपमिश्रित-जहरीली होने और मेडिकल की दिशा में जांच हो रही है। सभी विभागीय कर्मचारी और अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। 

अलीगढ़ की तरह यहां भी तो रैकेट सक्रिय नहीं
डौकी क्षेत्र के कौलारा कला गांव में शराब पीने से चार लोगों की मौत से अफसरों में बुधवार को भी हड़कंप रहा। बुधवार को एडीजी, मंडलायुक्त, आईजी, डीएम, एसएसपी गांव पहुंचे और घटना की जानकारी ली। एडीजी ने कहा कि जांच की जा रही है कि जिले में अलीगढ़ और हाथरस जैसा कोई रैकेट तो सक्रिय नहीं है, जो जानलेवा शराब की आपूर्ति दुकानों पर कर रहा है। मृतक रामवीर का रात में जबरन अंतिम संस्कार करा दिए जाने से  परिजन और ग्रामीण आक्रोशित थे। इस पर बुधवार को एडीजी जोन आगरा राजीव कृष्ण, मंडलायुक्त अनिल गुप्ता, आईजी रेंज नवीन अरोड़ा, जिलाधिकारी प्रभु नारायण सिंह, एसएसपी मुनिराज जी कौलारा कला पहुंचे। परिजनों से बात कर उन्हें सांत्वना दी।
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मृतक राधेश्याम और अनिल की फाइल फोटो बाएं से दाएं - फोटो : अमर उजाला
शराब पीने के बाद चली गई थी आंखों की रोशनी
कमिश्नर अमित गुप्ता और एडीजी राजीव कृष्ण ने कौलारा कला का दौरा किया। कमिश्नर अमित गुप्ता ने बताया कि सात लोगों के पोस्टमार्टम कराए हैं। जिनमें चार के विसरों की जांच रिपोर्ट बुधवार रात आठ बजे आई है। बिसरा में मिथाइल अल्कोहल मिला है। ऐसे में चार लोगों की मौत जहरीली शराब से होने की आशंका है। कमिश्नर ने बताया कि मृतकों के परिजनों से गांव में बात की गई। जिसमें उन्होंने बताया कि दम तोड़ने से पहले युवकों की आंखों की रोशनी चली गई थी। उन्हें रातभर उल्टियां हुईं। जिसके बाद उनकी मौत हो गई। मृतक शराब पीने के आदी थे। 

बड़ी कार्रवाई संभव
कमिश्नर अमित गुप्ता ने बताया कि बाकी तीन लोगों की विसरा रिपोर्ट का इंतजार है। प्रथम दृष्टया शराब से हुई मौतों के मामले में विभागीय अधिकारियों की लापरवाही सामने आई है। रिपोर्ट शासन को भेजी जा रही है। लापरवाह अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई होगी। प्रतिबंधित शराब बिक्री को रोकना पुलिस और आबकारी दोनों की संयुक्त जिम्मेदारी है। 

मानवाधिकार आयोग ने लिया संज्ञान
आगरा में जहरीली शराब से हुई मौतों का संज्ञान राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने लिया है। आयोग ने आबकारी आयुक्त को नोटिस जारी किया है। जिसके बाद बुधवार को कमिश्नर, एडीजी, डीएम और एसएसपी समेत आला अधिकारियों ने उन गांव में पहुंचे जहां मौतें हो रही हैं। प्रभावित गांव के आस-पास के दस अधिक गांव में हुई मौतों की जांच कराई जा रही है।
 
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रामवीर की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
नाकामी छिपा रहा प्रशासन
अलीगढ़ कांड के बाद भी जिला प्रशासन नहीं चेता। आगरा में जहरीली शराब बिकती रही। दस लोगों की मौत के बाद अफसर हरकत में आए। मंगलवार तक प्रशासन ने मौतों की वजह जहरीली शराब नहीं मानी। इधर, शराब से हुई मौतों की बढ़ती संख्या जिला प्रशासन की नाकामी बयां कर रही है। जिसे प्रशासन छिपाता रहा है।

शव देख बेसुध हुई पत्नी
ग्राम गढ़ी जहान सिंह में जैसे ही मृतक राजू का शव घर पहुंचा उसकी पत्नी बेसुध हो गई। परिजन उसे अस्पताल लेकर गए और इलाज कराया। वहीं दो बेटों की मौत से पिता दुलीचंद की भी हालत खराब है। गांववालों ने बताया कि इस हादसे से परिवार में रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है। दोनों कमाने वाले बेटे चल बसे। अब एक बेटे पर तीनों भाइयों के परिवार की जिम्मेदारी आ गई है। संवाद

दोस्त की मौत की खबर से लगा सदमा, अस्पताल में भर्ती
 दोस्त की मौत होने की खबर सुनकर ग्राम गढ़ी जहान सिंह निवासी कपूर सिंह को सदमा लग गया। जिससे उनकी हालत खराब हो गई। परिजनों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया। परिजनों ने बताया कि दोस्त रूप सिंह की मौत की खबर सुनकर पीड़ित की तबीयत खराब हो गई थी। संवाद
 
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