आगरा। थाना एमएम गेट क्षेत्र के सराफा कारोबारी को मजदूरी पर जेवरात बनाने वाले कारीगर चूना लगा रहे थे। आरोपी उनसे चांदी लेकर जाते थे। इसमें मिलावट करके जेवरात तैयार करते थे। इससे चांदी बचाकर बेच देते थे। उधर, जेवरात सराफ को दे देते थे। मामले में सराफ की शिकायत पर थाना एमएम गेट में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने एक कारीगर को गिरफ्तार किया है।
अंकुर सिंघल का थोक और फुटकर में चांदी के जेवरात बेचने का कारोबार है। लोहामंडी की कुआं वाली बस्ती निवासी सोनू, उसका दोस्त विष्णु और भतीजा कुनाल घर में चांदी से जेवरात बनाने का काम करते हैं। अंकुर ने पुलिस को बताया कि 22 सितंबर से 27 अक्तूबर तक तीनों 219 किलोग्राम चांदी लेकर गए थे। यह चांदी टी-55 की थी। आरोप है कि तीनों ने चांदी काटकर मिलावट करके पायल तैयार कर दे दीं। इससे यह टी-25 से लेकर टी-55 की रह गई। इसकी जानकारी टंच करने पर हुई। पुलिस ने धोखाधड़ी और अमानत में खयानत की धारा में मुकदमा दर्ज किया।
थाना प्रभारी निरीक्षक अवधेश कुमार अवस्थी ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर सोनू को पकड़ लिया गया। उसके पास से 240 ग्राम सफेद धातु बरामद किया गया। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। आरोपियों ने बताया कि वह चांदी में मिलावट करते थे। इसके बाद सराफ को उतने ही वजन के जेवरात लौटा देते थे। इससे उनको चांदी मिल जाती है। वह उसे बेच देते थे।