एटा में एक लेखपाल ने अपनी पत्नी की शिक्षा विभाग में नौकरी लगवाने के नाम पर 20 लाख रुपये दे दिए, लेकिन नौकरी नहीं लगी और रुपये ठग लिए गए। इसके बाद लेखपाल ने कोतवाली नगर में ठगी और रकम मांगने पर अपहरण के प्रयास का मुकदमा दर्ज कराया है। एक महिला सहित सात को नामजद किया है।
शहर के मोहल्ला द्वारिकापुरी निवासी लेखपाल नीरज कुमार यादव ने एसएसपी के आदेश पर महेश चंद्र, उसकी पत्नी सुनीता, बेटा माधव सिंह, कहेरी सिंह, विनोद कुमार व दो अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप है कि महेश चंद्र ने पत्नी की शिक्षा विभाग में सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर रुपये लिए थे। इसके बाद काफी इंतजार करने के बाद भी पत्नी की नौकरी नहीं लगी तो महेश चंद्र व माधव सिंह से रकम मांगी। महेश चंद्र ने रकम देने से इनकार कर दिया और कहा कि अगर तूने मुझसे पैसे मांगे तो मैं तुझे जान से मार दूंगा।
आरोप है कि फिर आठ दिसंबर को महेश चंद्र से रुपये मांगे तो वह नाराज हो गया। 17 दिसंबर को महेश घर से बुलाकर आगरा रोड पर ले गया, तभी पीछे से एक टैंपो आया, इनमें केहरी सिंह, विनोद कुमार व दो अन्य युवक आए। इन लोगों ने जबरन टैंपो में बिठा लिया और अपहरण करने के इरादे से मुंह दबा लिया और हाथ-पैर बांध दिए। तभी सड़क पर भाई जा रहा था, इसने देखा तो शोर मचाया। इसके बाद सड़क पर ही फेंक कर भाग गए। कोतवाली प्रभारी निर्दोष सिंह सेंगर ने बताया कि एसएसपी के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।