आगरा की दीवानी में शनिवार दोपहर अधिवक्ता ओमवीर सिंह चाहर और उनके बेटे दीपक चाहर से मारपीट की गई। बचाने आए जूनियर अधिवक्ता सहित चार और को लाठी-डंडों से पीटा गया। अधिवक्ता पिता-पुत्र सहित चार लोगों को चोटें आईं। घटना से अफरातफरी मच गई। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोप दूसरे अधिवक्ता पर लगाया गया है। पुलिस जांच कर रही है।
अमर बाग कालोनी निवासी अधिवक्ता ओमवीर सिंह चाहर ने बताया कि उनका बेटा दीपक चाहर शनिवार को जमानतदारों के साथ कोर्ट गया था। आरोप लगाया कि लौटते समय उस पर गेट नंबर तीन पर ऋषि चौहान ने अपने पांच साथियों के साथ हमला बोल दिया। बेटे के साथ गए जितेंद्र चौधरी, विधि छात्र गगन यादव और फरमान को भी पीटा। वह बीचबचाव कराने आए तो उनसे भी मारपीट की। जमानत के लिए आए भूपेंद्र जाटव ने भी बचाने का प्रयास किया, लेकिन उन पर भी हमला हुआ। गगन के सिर में भी चोट लगी।
थानाध्यक्ष न्यू आगरा अरविंद कुमार निर्वाल ने बताया कि ओमवीर सिंह चाहर की तहरीर पर बलवा और जानलेवा हमले की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया है। इसमें ऋषि चौहान हैं। साक्ष्य संकलन के लिए सीसीटीवी फुटेज निकाले जा रहे हैं। दूसरा पक्ष भी मारपीट का आरोप लगा रहा था, लेकिन कोई तहरीर देने नहीं आया।
चोरी के आरोपियों की जमानत को लेकर हुई थी बात
ओमवीर सिंह चाहर ने बताया कि विवाद के पीछे की वजह चोरी के दो आरोपियों के जमानत प्रार्थना पत्र दाखिल करना है। दरअसल, जमानत के लिए पैरोकार पहले दूसरे अधिवक्ता के पास गए थे। बाद में उनके पास आ गए। उन्होंने पैरोकारों से कहा कि वह तब ही जमानत प्रार्थना पत्र दाखिल करेंगे, जब वो पहले वाले अधिवक्ता से लिखवाकर लाएंगे। इस पर पैरोकार अधिवक्ता के पास गए। उनसे किसी तरह की आपत्ति नहीं होने के बारे में लिखवाकर ले आए। उन्होंने अपनी तरफ से भी अधिवक्ता से बात कर ली। पहले का हिसाब किताब करने को लेकर भी चर्चा हुई। इसके बावजूद हमला किया गया।
दीवानी में मच गई अफरातफरी
अधिवक्ताओं पर हमले की घटना से दीवानी में अफरातफरी मच गई। जब तक पुलिस पहुंच पाती, तब तक मारपीट करने वाले भाग गए। वादकारी भी दहशत में आ गए थे। दीवानी में इस तरह से मारपीट की घटना होने से सुरक्षा का सवाल भी खड़ा हो गया है।