नए सर्किल रेट शनिवार से लागू हो सकते हैं। आपत्तियों और सुझावों पर सुनवाई के बाद बृहस्पतिवार को डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने बैठक की। इसके बाद नई संशोधित रेट लिस्ट को अंतिम रूप दिया गया। शहर में 40 प्रतिशत और ग्रामीण क्षेत्र में 30 प्रतिशत तक जमीन खरीद पर स्टांप शुल्क बढ़ेगा।
आठ साल बाद जिले में नए सर्किल रेट लागू होंगे। 2017 से सर्किल रेट तय नहीं हुए हैं। जमीन का बाजार मूल्य बढ़ चुका है। इसके आधार पर निबंधन विभाग ने सर्किल रेट लिस्ट 2025-26 का निर्धारण किया है। इसमें पांच तरह के क्षेत्रों में रेट बढ़ाया है। आवासीय रेट में 30 से 35 प्रतिशत, व्यावसायिक रेट में 30 से 35 प्रतिशत, सेगमेंट के रेट में 40 से 50 प्रतिशत, नव विकसित क्षेत्रों में 25 से 30 प्रतिशत और औद्योगिक क्षेत्र में 30 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।
सर्किल रेट लागू करने के संबंध में बृहस्पतिवार को डीएम अरविंद बंगारी ने निबंधन, राजस्व व अन्य विभागीय अधिकारियों संग बैठक की। उन्होंने बताया कि आपत्ति और सुझावों के आधार पर कुछ संशोधन हुए हैं। संशोधित सर्किल रेट को शनिवार से लागू किया जा सकता है।
दूसरे दिन भी ठप रहा रजिस्ट्री दफ्तर में सर्वर
सदर तहसील स्थित रजिस्ट्री दफ्तर में बृहस्पतिवार को दूसरे दिन भी सर्वर ठप रहा। बारिश में भीगते हुए पक्षकार बैनामा के लिए पहुंचे लेकिन सर्वर नहीं चलने के कारण ओटीपी जनरेट नहीं हुए। बिना ओटीपी जनरेट हुए बैनामा नहीं हो सकता। ऐसे में शाम चार बजे तक इंतजार करने के बाद सैकड़ों लोग वापस लौट गए। सदर तहसील बार एसोसिएशन महासचिव अरविंद कुमार दुबे का कहना है कि नए सर्किल रेट लागू होेने से पहले बड़ी संख्या में लोग बैनामा कराने के लिए आ रहे हैं लेकिन सर्वर और ओटीपी की परेशानी के कारण उनके विलेख पत्र पंजीकृत नहीं हो पा रहे हैं। ऐसे में उन्हें मायूस होकर बैरंग लौटना पड़ रहा है। इस संबंध में सहायक महानिरीक्षक निबंधन योगेश कुमार का कहना है कि ओटीपी और सर्वर की समस्या के निस्तारण के लिए शासन को पत्र भेजा है।