वृंदावन में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर तीन दिवसीय श्रीकृष्ण कथा के दूसरे दिन रविवार को लोगों में उत्साह दिखा। अपने-अपने श्याम के नाम से हरे कृष्ण आर्किड में आयोजित हो रहे इस ऊर्जा सत्र में लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इस दौरान जब जाने-माने कवि डाॅक्टर कुमार विश्वास ने कन्हैया कन्हैया गाया तो वहां मौजूद लोग झूम उठे।
शुरुआत पहले दिन की तरह ही प्रसिद्ध रियलिटी शो स्वर्ण स्वर भारत के गायकों द्वारा भजनों की प्रस्तुति से की गई। इसके बाद कथा डॉ. कुमार विश्वास कथा के लिए मंच पर पहुंचे। कथा का आरंभ मधुराष्टकम् के सस्वर पाठ से किया। उन्होंने आज के युग में कृष्ण के कथा की वैज्ञानिक व्याख्या समझाई।
उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं सारी दुनिया को बहुत सहजता से सम्मोहित कर लेती हैं। उन्होंने ब्रजभाषा के कई छंदों के माध्यम से कृष्ण के विद्रोही स्वरूप को समझाया। उन्होंने कहा कि लोक के आनंद की गेंद अगर अनाचार के चंगुल में फंसती है तो अपने युग के हर नायक का यह प्रथम कर्तव्य है कि वह दुष्ट कालिया को दंड करके लोक का आनंद सुनिश्चित करे।
उन्होंने बताया कि कृष्ण की कथा यह सिखाती है कि प्राकृतिक संसाधनों का वितरण न्यायोचित होना चाहिए। डॉ. विश्वास ने भगवान श्रीकृष्ण व राधा के प्रेम संबंधों पर अनेक छंद भी सुनाए। समापन उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़े विभिन्न प्रसंगों पर केंद्रित अपने प्रसिद्ध गीत कन्हैया कन्हैया से किया। इस मौके पर प्रसिद्ध संत व कथावाचक पुंडरीक महाराज भी उपस्थित रहे।