यही नहीं मैटर कहां से लिया गया है, उसमें संदर्भ पुस्तकों का भी उल्लेख किया गया है। कोश में करीब एक हजार संदर्भ पुस्तकों का उल्लेख किया गया है। 2100 पुस्तकों का प्रकाशन पहले चरण में किया गया है। सस्ता साहित्य मंडल प्रकाशन, पुस्तक को विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में उपलब्ध कराएगा।
आर्यभट्ट से लेकर सुंदरलाल बहुगुणा भी शामिल
विश्वकोश में विषय के अलावा वैज्ञानिकों के बारे में जानकारी दी गई है। भारतीय वैज्ञानिकों में आर्यभट्ट से लेकर सुंदरलाल बहुगुणा तक का विवरण है। एपीजे अब्दुल कलाम, जगदीश चंद्र बोस, एमएस स्वामीनाथन आदि हैं। विदेशी वैज्ञानिकों में आइजक न्यूटन, जेम्स क्लर्क मैक्सवेल, मैडम क्यूरी, गैलिलियो भी हैं।
विज्ञान विषय पर प्रकाशित हिंदी विश्वकोश से बीएससी व एमएससी के छात्र-छात्राएं विज्ञान विषय की शब्दावली को हिंदी में समझ सकेंगे। भारतीय व विदेशी वैज्ञानिकों के बारे में जान सकेंगे। उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ा रहे शिक्षकों को हिंदी में विज्ञान की पुस्तकें लिखनी चाहिए। इससे विद्यार्थियों को सहूलियत मिलेगी। - प्रो. नंद किशोर पांडेय, निदेशक, केंद्रीय हिंदी संस्थान
उच्च शिक्षण संस्थानों में विज्ञान के शिक्षक हिंदी के माध्यम से विद्यार्थी को पढ़ाएं, पाठ्यक्रम तैयार करें, शोध कार्य किया जाए, इस उद्देश्य से एक संस्थान ने एक आधार पुस्तक तैयार कराई है। हिंदी को सही स्थान मिले, इसके लिए उच्च शिक्षण संस्थानों व शिक्षकों को काम करना होगा। - डॉ. कमल किशोर गोयनका, उपाध्यक्ष, केंद्रीय हिंदी शिक्षण मंडल
प्रौद्योगिकी पर भी हिंदी विश्वकोश प्रकाशित करेगा
केंद्रीय हिंदी संस्थान अब तक पृथ्वी और भूगोल, गणित व विज्ञान के हिंदी विश्वकोश प्रकाशित कर चुका है। छह विश्वकोश प्रकाशित किए जाने हैं, इनमें समाज और जीवन, लोक प्रशासन, पत्रकारिता व जनसंचार, साहित्य, प्रौद्योगिकी, इतिहास पर हिंदी विश्वकोश प्रकाशित किए जाने हैं।