दूल्हे का स्वागत करती महिला
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हाथरस से बारात लेकर आए दूल्हा संजय के चेहरे पर विजयी मुस्कान के भाव नजर आ रहे थे। बिना किसी विघ्न बाधा के बारात गांव पहुंची। बारात चढऩे के बाद वैवाहिक रस्में शुरू हो गईं। दुल्हन की विदाई अगले दिन सोमवार सुबह को होगी।
गांव में प्रशासन और पुलिस अफसरों ने कड़े सुरक्षा के प्रबंध निर्धारित किए हैं। बारात चढ़ाई के दौरान एडीएम राकेश कुमार, एएसपी डॉ. पवित्र मोहन त्रिपाठी व एसडीएम, सीओ, पीएसी, पुलिस के अलावा महिला पुलिस भी मौजूद रहीं।
बारात का रूट चार्ट पहले ही प्रशासन ने निर्धारित कर रखा था। इस बारात के रूट पर वर-वधू के परिवारों एवं गांव के लोगों की पहले से सहमति है। बता दें कि संजय और शीतल की शादी कई दिनों से चर्चा में है।
दलित संजय और शीतल की शादी
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अपनी शादी को लेकर शीतल बेहद खुश है। शादी से पहले शीतल ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि गांव में पहली बार उसका दूल्हा घोड़ी पर सवार होकर बारात लेकर आएगा, यह उसके लिए खुशी की बात है। शीतल की खुशी में कहीं न कहीं एक डर भी छिपा है।
उसका का कहना है कि बारात चढ़ जाएगी और शादी हो जाएगी। वो विदा होकर ससुराल चली जाएगी, लेकिन उसे आशंका है कि कहीं बाद में गांव के लोग उसके भाई, माता-पिता व अन्य परिवारीजनों को परेशान कर सकते हैं। प्रशासन इस बात पर भी ध्यान दे।
गौरतलब है कि गांव निजामपुर में सवर्णों ने दलित दूल्हे की बारात चढ़ने का विरोध किया था। इस पर संजय ने प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई थी। इस चर्चित शादी में घराती और बाराती दोनों पक्षों से करीब एक हजार लोगों ने हिस्सा लिया।