कासगंज/सोरों/सिढ़पुरा/पटियाली/सहावर/गंजडुंडवारा/अमांपुर। शुक्रवार की सुबह से ही छाए बादल गर्जना के साथ बरस पड़े। काफी देर तक तेज बारिश हुई। मूसलाधार बारिश से शहर की पुरानी बस्तियों के अलावा बाजारों की सड़कें जलमग्न हो गईं। लगभग यही हाल ग्राम पंचायतों का भी रहा। बारिश थमने के बाद भी गलियों और सड़कों से निकलना मुश्किलों भरा रहा। हालांकि बारिश से किसान खुश हैं।
जिले में पिछले कई दिनों से कभी झमाझम तो कभी रिमझिम बारिश हो रही है, लेकिन शुक्रवार को सुबह मूसलाधार बारिश हुई। लगभग 2 घंटे तक कभी तेज तो कभी धीमी गति से हुई बारिश ने मौसम सुहाना कर दिया, लेकिन शहर से लेकर कस्बा और ग्रामीण क्षेत्रों में जनप्रतिनिधियों द्वारा कराए गए प्रतिकूल विकास कार्यों ने लोगों के सामने मुसीबत खड़ी कर दी। जगह-जगह जलभराव हो गया।
नगर के गांधी मूर्ति इलाका, सोरों गेट इलाका, गंगेश्वर कॉलोनी, जामा मस्जिद सहित कई इलाके जलमग्न हो गए। बारिश थमने के लगभग दो घंटे बाद भी पुरानी बस्तियों से पानी की निकासी नहीं हो पाई।
यही हाल जिला मुख्यालय सोरों, सहावर, पटियाली, गंजडुंडवारा, सिढ़पुरा, अमांपुर कस्बों में भी रहा। लोग अनचाहे जलभराव से बेहद परेशान नजर आए। ग्रामीण क्षेत्रों के भी यही हालात बने हुए थे। गांव मामो, रामपुर, गुरहना, गोरहा सहित तमाम ग्राम पंचायतों में जलभराव के हालात बने रहे। मामो में तो फोरलेन सड़क ही पानी में डूब गई। हालांकि इस बारिश से धान रोप रहे किसान खुश हैं।
स्कूलों में हुआ जलभराव
बारिश के पानी से कई स्कूल भी जलमग्न हो गए। भले ही विद्यार्थियों के लिए इन दिनों स्कूल न खुल रहे हों, लेकिन शिक्षकों के लिए स्कूल खोले जा रहे हैं। ऐसे में जलभराव के कारण शिक्षकों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। गांव भिटौना के जूनियर स्कूल के मुख्य द्वार से विद्यालय कार्यालय तक पहुंचने के लिए शिक्षकों को समस्याओं का सामना करना पड़ा। अन्य कई स्कूलों में भी इस तरह की समस्या रही।
दोपहर को धूप ने बढ़ा दी उमस
सुबह मूसलाधार बारिश के बाद मौसम सुहाना हो गया, लेकिन दोपहर को धूप निकल आई। धूप निकलते ही मौसम में उमस बढ़ गई। जिससे लोगों को अकुलाहट हुई। बारिश के बाद धूप से उमसभरा मौसम बीमारियों को भी बढ़ावा दे रहा है।
कासगंज के लवकुशनगर में भरा बारिश का पानी- फोटो : KASGANJ