कासगंज। पहाड़ों पर हो रही बारिश के बाद बैराजों पर पानी का दबाव बकरार बना हुआ है। यह पानी गंगा नदी में छोड़ा जा रहा है। अब पानी की मात्रा बढ़ने से गंगा नदी में फिर से जल स्तर बढ़ने लगा है। पिछले 24 घंटों में 70 सेंटीमीटर तक जलस्तर में बढ़ोतरी हुई है। उतरता-चढ़ता जलस्तर कटान का खतरा बनाए हुए हैं। सिंचाई विभाग के अफसर निगरानी की बात कह रहे हैं।
हरिद्वार, बिजनौर और और नरोरा बैराज से कभी पानी का दबाव गंगा नदी में बढ़ जाता है तो कभी कम हो जाता है। जिससे गंगा नदी की लहरें कभी उफान पर आती है तो कभी सिमटने लगती हैं। इस कारण उतरता चढ़ता जलस्तर खतरा बनाए रखता है। पिछले दिनों कई स्थानों पर कटान हो चुका है, हांलाकि सिंचाई विभाग ने कटान रोकने में सफलता हासिल कर ली, लेकिन अब फिर से बढ़ता हुआ पानी एक बार फिर उफन रहा है। जिससे फिर गंगा नदी की धार पैनी होती नजर आ रही है।
कटान के खतरे को लेकर जहां एक ओर ग्रामीण चिंतित हैं, वहीं सिंचाई विभाग ने भी निगरानी तेज कर दी है। कछला गंगा नदी में जल स्तर पर सिंचाई विभाग की टीमें लगातार नजर बनाए हुए हैं। सिंचाई विभाग का दावा है कि अभी खतरे की कोई आशंका नहीं है। सतर्कता बरती जा रही है। जिले भर में कछला गंगा नदी के किनारे पेट्रोलिंग टीमें लगी हुई हैं।
आंकड़े की नजर से
98567 क्यूसेक पानी हरिद्वार बैराज से छोड़ा गया
51030 क्यूसेक पानी बिजनौर बैराज से छोड़ा गया
56762 क्यूसेक पानी नरोरा बैराज से छोड़ा गया से जोड़ा गया।
163.30 सेंटीमीटर शुक्रवार को रहा गंगा नदी का कछला पुल पर जलस्तर
162.60 सेंटीमीटर था बुधवार को जलस्तर
कछला गंगा नदी में पानी का दबाव फिर से बढ़ गया है। बैराजों से पानी निरंतर छोड़ा जा रहा है। गंगा नदी में सामान्य बाढ़ के हालात है। खतरे की कोई चिंता नहीं है। सिंचाई विभाग निगरानी कर रहा है। - अरुण कुमार, अधिशासी अभियंता सिंचाई।