राणा सांगा के स्वाभिमान में भरी हुंकार
यह कामयाब भी रही। सम्मेलन में खासी भीड़ पहुंचने की यह बड़ी वजह भी रही। वहीं क्षत्रियों के तमाम संगठन अलग-अलग राजनीतिक दलों से जुड़े हैं। इन्हेंं इस आंदोलन में साथ लाना मुश्किल था। राणा सांगा के स्वाभिमान पर इन्होंने भी हुंकार भर दी।
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सनातन का कार्ड चला
सनातन संघ हिंदू संगठन है। इसमें सभी जातियां शामिल हैं। मजबूत सियासत के लिए इन्हें खेमे में लाना जरूरी था। पिछड़ों और दलितोंं के संगठनोंं के अपने सियासी हित हैं। सुमन के बयान पर लोग अलग जातीय फिरकों में बंटे हैं। ऐसे में यहां सनातन का कार्ड चला। सनातन संघ को साथ लाया गया।
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सियासी दलों ने भी दी करणी सेना के सम्मेलन को तवज्जो
सियासी दलों ने भी करणी सेना के सम्मेलन को तवज्जो दी। भाजपा नेता मंच पर पहुंचे। केंद्रीय राज्यमंत्री और भाजपा सांसद एसपी सिंह मंच पर थे। दूसरे जिलों से भी भाजपा, जनसत्ता दल लोकतांत्रिक, किसान संगठनों के नुमाइंदे समर्थन देने पहुंचे तो यह इनकी सियासत की नई आहट की पहचान ही थी। इनके गणित पर अगले साल पंचायत और इसके बाद सूबे में आने वाला विधानसभा का चुनाव था।