मथुरा में तीन नवंबर 2023 की रात गुरुकृपा कॉलोनी में बदमाशों ने कंठीमाला कारोबारी और उनकी पत्नी पर हमला किया था। पत्नी की बदमाशों ने हत्या कर दी थी, वहीं गंभीर रूप से घायल कारोबारी ने उपचार के दौरान 71वें दिन दम तोड़ दिया।
मथुरा के हाईवे थाना क्षेत्र की गुरुकृपा विलास कॉलोनी में तीन नवंबर की रात लूट के दौरान बदमाशों के हमले में घायल कंठीमाला कारोबारी कृष्ण कुमार अग्रवाल की शनिवार को मौत हो गई। 70 दिन तक उन्होंने मौत से संघर्ष किया। इस वारदात में उनकी कृष्ण कुमार की पत्नी कल्पना अग्रवाल पहले ही मृत हो चुकी हैं। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेज दिया है।
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भाजपा नेता एवं मृतक कृष्ण कुमार अग्रवाल की पुत्रवधू के भाई श्याम सिंघल ने बताया कि वारदात के बाद कृष्ण कुमार अग्रवाल एक सप्ताह तक मथुरा के ही अस्पताल में भर्ती रहे। इसके बाद यहां से उनको दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया। 30 दिसंबर को वहां से डॉक्टर ने वापस भेज दिया था। तब से मथुरा में ही उनका उपचार चल रहा था। श्याम सिंघल के अनुसार 3 नवंबर की रात को हुई वारदात के बाद से कृष्ण कुमार अग्रवाल को होश नहीं आया था। कल्पना अग्रवाल की वारदात के बाद ही मौत हो गई थी।
यह थी वारदात
तीन नवंबर की रात को कंठीमाला कारोबारी के चालक मोहसिन द्वारा लूट की साजिश रचते हुए अपने साथी फारुख को उनके घर में घुसाया था। फारुख कारोबारी के घर में लूट की वारदात को अंजाम दे रहा था। तभी कृष्ण कुमार अग्रवाल और उनकी पत्नी कल्पना अग्रवाल जाग गईं। पुलिस के अनुसार फारुख ने दोनों पर हमला किया। इसमें कल्पना की मौके पर मौत हो गई। अगले दिन घटना की जानकारी होने पर पहुंची पुलिस ने कारोबारी को अस्पताल में भर्ती कराया था। तब से उन्हें होश नहीं आया था। इधर, फारुख पुलिस एनकाउंटर में मारा जा चुका है। साजिशकर्ता चालक मोहसिन सलाखों के पीछे है।