कामिनी एकादशी पर गुरवार को श्रीकृष्ण की नगरी मथुरा के मंदिरों में धार्मिक कार्यक्रम आयोजित हुए। ठाकुर द्वारिकाधीश मंदिर में सुबह ठाकुरजी को आकर्षक पोशाक धारण कराई गई। द्वारिकाधीश महाराज ने फूलों के हिंडोला में विराजमान होकर भक्तों को दर्शन दिए। इस दौरान भक्तों ने श्रावण के मल्हार और गीत सुनाकर अपने आराध्य को रिझाया। मंदिर प्रांगण ठाकुरजी के जयकारों से गुंजायमान हो गया।
ठाकुर द्वारिकाधीश मंदिर के विधि एवं मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी एडवोकेट ने बताया कि श्रावण कृष्ण पक्ष एकादशी के दिन भक्तों की अच्छी भीड़ मंदिर में दर्शन के लिए आई। सुबह 10 से 11 बजे तक और सायंकाल 6 से 7 बजे तक भक्तों को सोशल डिस्टेंसिंग (सामाजिक दूरी), थर्मल स्क्रीनिंग और सैनिटाइजर से हाथ धुलाने के बाद ही मंदिर में प्रवेश दिया गया। इसके बाद ठाकुर जी के दर्शन कराए गए।
18 जुलाई को होगा घटा का आयोजन
इसी श्रृंखला में कामिनी एकादशी पर ठाकुर द्वारिकाधीश फूलों के हिंडोले में विराजमान हुए। उन्होंने बताया कि 18 जुलाई को विभिन्न हिंडोलों के साथ-साथ घटा का आयोजन भी प्रारंभ हो जाएगा। इस अवसर पर मंदिर के अधिकारी अशोक कुमार शर्मा, सतनारायण शर्मा रोकडिया, समाधानी राजीव चतुर्वेदी, बृजेश चतुर्वेदी, मुखिया सुधीर कुमार, कन्हैया और जीतू थे।
शहर के प्राचीन ठाकुर केशव देव मंदिर ठाकुरजी के श्री विग्रह का दूध, दही, घृत, बूरा, शहद और गुलाब जल से सेवायत मुन्नी लाल गोस्वामी, गौरव गोस्वामी, श्यामाचरण गोस्वामी, बिहारीलाल गोस्वामी द्वारा मंत्रोच्चारण के बीच अभिषेक किया गया। नई पोशाक, नवीन रजत मोती जड़ित मुकुट पहनाकर भव्य श्रृंगार कर ठाकुर जी की आरती उतारी गई।
इस अवसर पर मंदिर कमेटी के अध्यक्ष पंडित सोहनलाल शर्मा, मनमोहन सर्राफ, महेश गोयल, सुरेश अग्रवाल, महेश टेंट वाले, राकेश शर्मा मौजूद रहे। प्राचीन ठाकुर केशव देव मंदिर के प्रवक्ता नारायण प्रसाद शर्मा ने बताया कि बाहरी श्रद्धालुओं के लिए मंदिर में प्रवेश 31 जुलाई तक बंद है। मंदिर में अंदर ही सेवा निरंतर चलेगी।