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UP: आईपीएस राजीव कृष्ण...यूपी के नए DGP, उनके बारे में ये बातें स्पष्ट तौर पर जान लें; पुलिस को बनाया हाईटेक

Mon, 02 Jun 2025 09:37 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

उत्तर प्रदेश पुलिस को 1991 बैच के आईपीएस अधिकारी राजीव कृष्ण का नया नेतृत्व मिला है। उन्हें नया कार्यवाहक डीजीपी नियुक्त किया गया है। आगरा में एडीजी पद पर रहते हुए उन्होंने तकनीकी और जागरूकता से अपराध व अपराधियों पर शिकंजा कसा था। 

 
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राजीव कृष्ण, कार्यवाहक डीजीपी यूपी। - फोटो : अमर उजाला।
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उत्तर प्रदेश के नए डीजीपी राजीव कृष्ण ने आगरा जोन के एडीजी पद पर रहते हुए तकनीकी और जागरूकता से अपराध व अपराधियों पर शिकंजा कसा था। ऑपरेशन पहचान एप से पुलिस को हाईटेक बनाया। साइबर अपराध रोकने के लिए पुलिस को तैयार भी किया।
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फरवरी 2021 में आईपीएस राजीव कृष्ण आगरा जोन के एडीजी थे। उन्होंने अपने कार्यालय में तैनात सिपाही मोहित कुमार की मदद से ऑपरेशन पहचान एप बनवाया। सिपाही एमसीए किए है। जो एप बना वह अब भी पुलिस के लिए मददगार है। एप के माध्यम से अपराधियों का सत्यापन कराया गया था। पुलिसकर्मियों की आईडी बनाई गई थीं। अपराध में शामिल आरोपी क्या कर रहे हैं? कहां रह रहे हैं? किसी नए अपराध में शामिल तो नहीं हुए? घर में काैन काैन लोग हैं? रिश्तेदार काैन और कहां के रहने वाले हैं? अपराधी और परिजन की फोटो तक अपलोड कर रिकाॅर्ड बनाया जाने लगा।

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पहचान एप में यह सब अपलोड होते ही पुलिस को एक क्लिक पर पूरी जानकारी मिल जाती है। इसे संबंधित अधिकारी भी सत्यापित करते हैं। मालखाने भी इसी एप के माध्यम से हाईटेक हो गए। इसमें जोन के थानों के माल मुकदमाती को एप में दर्ज किया गया। इसका फायदा यह हुआ कि केस से संबंधित माल की जानकारी कुछ ही सेकंड में उपलब्ध हो जाती है। यह एप जोन के लिए पुलिसकर्मियों का मददगार बना हुआ है। आगरा में हुई पहल को मुरादाबाद रेंज और फतेहपुर में लागू किया गया था।

 

मिशन शक्ति और एंटी रोमियो दस्ता की निगरानी में कारगर
आपरेशन पहचान एप के माध्यम से मिशन शक्ति अभियान भी चलाया गया। महिला पुलिसकर्मी अलग-अलग क्षेत्र में जाकर महिलाओं को जागरूक करती थीं। एप से उनकी लोकेशन आ जाती है। इससे सत्यापन कार्य भी पारदर्शिता के साथ होने लगा। एंटी रोमियो स्क्वायड की कार्यशैली, गुमशुदा और बरामद लोगों की जानकारी भी इसी एप पर दर्ज की जाती है।

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गांव-गांव जनता को किया जागरूक
आईपीएस राजीव कृष्ण ने आगरा जोन में साइबर अपराध पर अंकुश लगाने के लिए सबसे पहले अपनी पुलिस को ही तैयार किया। पुलिसकर्मियों को साइबर अपराध की शिकायत मिलने पर की जाने वाली कार्रवाई के बारे में प्रशिक्षण दिलाया। एक्सपर्ट के माध्यम से ऑनलाइन कार्यशालाएं आयोजित कीं। जनता को भी जागरूक किया, जिससे वह साइबर अपराध का शिकार होने से बच जाएं।

 
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यह है आंकड़ा
कुल दर्ज अपराधी - 2,43,305
सत्यापित अपराधी - 1,94,679
कुल दर्ज गुमशुदा/अपहृत - 9,618
सकुशल बरामद - 3,789

 
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