फरवरी 2021 में आईपीएस राजीव कृष्ण आगरा जोन के एडीजी थे। उन्होंने अपने कार्यालय में तैनात सिपाही मोहित कुमार की मदद से ऑपरेशन पहचान एप बनवाया। सिपाही एमसीए किए है। जो एप बना वह अब भी पुलिस के लिए मददगार है। एप के माध्यम से अपराधियों का सत्यापन कराया गया था। पुलिसकर्मियों की आईडी बनाई गई थीं। अपराध में शामिल आरोपी क्या कर रहे हैं? कहां रह रहे हैं? किसी नए अपराध में शामिल तो नहीं हुए? घर में काैन काैन लोग हैं? रिश्तेदार काैन और कहां के रहने वाले हैं? अपराधी और परिजन की फोटो तक अपलोड कर रिकाॅर्ड बनाया जाने लगा।
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पहचान एप में यह सब अपलोड होते ही पुलिस को एक क्लिक पर पूरी जानकारी मिल जाती है। इसे संबंधित अधिकारी भी सत्यापित करते हैं। मालखाने भी इसी एप के माध्यम से हाईटेक हो गए। इसमें जोन के थानों के माल मुकदमाती को एप में दर्ज किया गया। इसका फायदा यह हुआ कि केस से संबंधित माल की जानकारी कुछ ही सेकंड में उपलब्ध हो जाती है। यह एप जोन के लिए पुलिसकर्मियों का मददगार बना हुआ है। आगरा में हुई पहल को मुरादाबाद रेंज और फतेहपुर में लागू किया गया था।
मिशन शक्ति और एंटी रोमियो दस्ता की निगरानी में कारगर
आपरेशन पहचान एप के माध्यम से मिशन शक्ति अभियान भी चलाया गया। महिला पुलिसकर्मी अलग-अलग क्षेत्र में जाकर महिलाओं को जागरूक करती थीं। एप से उनकी लोकेशन आ जाती है। इससे सत्यापन कार्य भी पारदर्शिता के साथ होने लगा। एंटी रोमियो स्क्वायड की कार्यशैली, गुमशुदा और बरामद लोगों की जानकारी भी इसी एप पर दर्ज की जाती है।
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यह है आंकड़ा
कुल दर्ज अपराधी - 2,43,305
सत्यापित अपराधी - 1,94,679
कुल दर्ज गुमशुदा/अपहृत - 9,618
सकुशल बरामद - 3,789