स्मार्ट सिटी के कार्यालय में कंट्रोल रूम में काम करते लोग
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आगरा को स्मार्ट सिटी के नाम पर रस्म अदायगी की गई। नगर निगम में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर चालू तो हो गया लेकिन अभी सिर्फ दो चौराहों सूरसदन और सेंट चौराहा की ही निगरानी हो पा रही है। ट्रैफिक सिग्नल सिस्टम भी यहीं पर काम कर रहा है। बाकी जगह ट्रैफिक पुलिस कर्मियों को उतनी ही मेहनत करनी पड़ रही है।
कमांड एंड कंट्रोन सिस्टम के तहत शुरू होने वाला प्रोजेक्ट करीब तीन सौ करोड़ रुपये का है। इसमें चौराहा को सौंदर्यीकरण, ट्रैफिक लाइट, पैनिक बटन आदि शामिल है। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर गुरुवार को यह सेंटर चालू हो गया। लेकिन न तो कूड़ा उठाने की निगरानी शुरू हुई है और न ही पैनिक बटन।
डेमो के दौरान आईं अड़चनें
सेंटर चालू होने पर नगर आयुक्त अरुण प्रकाश ने पार्षदों को डेमो दिया गया था। इस दौरान सेंटर की बड़ी स्क्रीन पर सिर्फ सूरसदन और सेंट जोंस चौराहा के फोटो नजर आ रहे थे, वीडियो नहीं आ पा रही थी। डेमो के दौरान भी कई अड़चनें आईं।
शहर के सेंट जोंस चौराहे पर लगे सीसीटीवी कैमरे
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पार्षद शरद चौहान ने बताया कि न तो नालबंद और न ही खंदारी चौराहा का लाइव वीडियो आ रहा था। पर्यावरण की स्थिति जानने के लिए शहरभर में 39 स्थानों पर एनवायरमेंटल सेंसर लगाए जाने हैं। गुरुवार को संजय टाकीज, बिग बाजार धूलियागंज, हाथीघाट, एसबीआई जोनल कार्यालय पर चालू होने थे, यह भी नहीं हो पाए।
वैरीएबल मैसेज साइनबोर्ड
एमजी रोड पर दर्जनभर स्थलों पर वैरीएबल मैसेज साइनबोर्ड लगाए जाने हैं। गुरुवार को सेंट जोंस चौराहा, नालबंद चौराहा पर यह चालू होने थे। इनमें से सिर्फ सेंट जोंस चौराहा का ही चालू हो पाया है।
ट्रैफिक सिग्नल
सूरसदन तिराहा, खंदारी कैंपस, नामनेर चौराहा, पालीवाल पार्क में सिर्फ सूरसदन और सेंट जोंस चौराहा पर ही ट्रैफिक सिग्नल शुरू हो पाए हैं।
सीसीटीवी कैमरे
पहले चरण में 30 सीसीटीवी कैमरों को सेंटर से जोड़ा जाना है। इसमें हरीपर्वत, भगवान टाकीज, सूरसदन आदि शामिल हैं। इनमें से कुछ ही स्थानों पर चालू हो पाए हैं।