जांच में तत्कालीन रजिस्ट्रार कानूनगो राजकुमार यादव (सेवानिवृत्त) व उनके व्यक्तिगत कंप्यूटर ऑपरेटर ब्रजेश कुमार को भी भू-माफिया का सहयोग करने पर दोषी माना गया है। जबकि गांव चुरथरा निवासी राकेश, राम भरोसे, अवधेश कुमार और हबीब खां निवासी मोहनपुर थाना अवागढ़, मैना देवी निवासी फिरोजाबाद को भूमि अपने नाम कराने का आरोपी पाया गया।
जिले में कई गांव में है सरकारी जमीनों पर कब्जे
जिले में 50 से अधिक ऐसे गांव हैं जहां ग्राम पंचायतों की जमीन पर लोगों ने कब्जा कर रखा है। सदर तहसील और जलेसर तहसील में उप जिलाधिकारियों द्वारा इनमें से कई गांवों में अवैध कब्जों को हटवाकर जमीन को राज्य सरकार में निहित किया गया है।
जिले में पहली बार ऐसा हुआ जब लगभग 25 करोड़ की जमीन के मामले में अधिकारियों को दोषी पाया गया है। जिले की तीनों तहसीलों में जांच कराई जाए तो बड़ी संख्या में ऐसे मामले मिलेंगे जहां लेखपाल, कानूनगो स्तर के अधिकारियों द्वारा भू माफियाओं को जमीनों पर कब्जे कराए गए हैं।