आगरा में अमृत योजना के तहत शहर के वेस्टर्न जोन में बिछाई गई सीवर लाइन का काम अधूरा है, लेकिन इस अधूरे प्रोजेक्ट का लोकार्पण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से करा लिया गया। जलनिगम के इंजीनियरों ने कागजों पर काम पूरा बताकर इसके जल्दबाजी में हैंडओवर की तैयारी भी कर ली है, लेकिन मेन लाइन से सीवर लाइन का कनेक्शन ही नहीं किया गया है। जगह-जगह सीवर ओवरफ्लो होने के कारण लोग दुर्गंध से परेशान हैं, वहीं लोकार्पण की जानकारी के बाद हैरत में पड़ गए हैं।
जलनिगम की कार्यदायी एजेंसी मनीषा कंस्ट्रक्शन ने नालों के सामने आने पर सीवर लाइन जहां की तहां छोड़ दी, जिससे हैंडओवर से पहले ही सीवर लाइनें ओवरफ्लो हो रही हैं। कॉलोनियों में सीवर सड़कों पर उफन रहा है। मारुति एस्टेट-बोदला रोड पर श्याम नगर मोड़ पर बिछाई गई सीवर लाइन प्रोविजन स्टोर के सामने उफन रही है तो दूसरे सिरे पर मारुति एस्टेट की ओर चोक होने से सड़क भी धंस चुकी है।
मेन लाइन से नहीं जोड़ा
क्षेत्रीय निवासी अखिलेश कुमार ने बताया कि श्याम नगर मोड़ पर हाल में ही सीवर लाइन बिछाई गई तो ओवरफ्लो कैसे हो रही है। जलनिगम ने मेन लाइन से सीवर जोड़ा नहीं है, अन्यथा हैंडओवर से पहले ही लाइनें चोक कैसे हो गईं।
प्रोजेक्ट की जांच जरूरी
एनजीटी याचिकाकर्ता डाॅ. संजय कुलश्रेष्ठ ने बताया कि वेस्टर्न जोन सीवरेज प्रोजेक्ट की जांच जरूरी है। जांच में साफ हो जाएगा कि कनेक्शन हुए या नहीं। करोड़ों रुपये की योजना जलकल को हैंडओवर तक न की जाए, जब तक सत्यापन न हो जाए।
अलबतिया में छोड़ दिए थे कनेक्शन
जलनिगम के 318 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट में ज्यादातर जगहों पर मनीषा कंस्ट्रक्शन ने सीवर लाइन मेन लाइन में जोड़ी ही नहीं है। सीवर लाइन अभी सीवर टैंक के रूप में काम कर रही है। अलबतिया रोड पर सुभाष नगर में नाले के नीचे से लाइन निकालने में दुश्वारियों के कारण काम अधूरा छोड़ दिया गया था, जिसे नगर आयुक्त के दखल के बाद पूरा किया गया। यहां एक गली में घरों के सीवर कनेक्शन भी छोड़ दिए गए थे। यही हाल पश्चिमपुरी और लोहामंडी रोड पर किया है, जहां हाल में ही 30 मीटर सीवर लाइन दोबारा बिछानी पड़ी थी।
पेयजल योजना में खुदी सड़कें बनी नहीं
आगरा पेयजल सम्पूर्ति योजना का लोकार्पण भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कराया गया, लेकिन इनमें से एक योजना अब तक अधूरी है। आगरा पेयजल सम्पूर्ति योजना- फेज-4 में दो किमी से ज्यादा सड़कें ऐसी हैं जो दो साल से खुदी पड़ी हैं। पानी की लाइनें बिछाने के लिए सड़कों की खुदाई की गई थी, लेकिन इनका निर्माण योजना के लोकार्पण होने तक किया ही नहीं गया। आगरा पेयजल आपूर्ति योजना में 127 किमी से ज्यादा सड़कों की खुदाई की गई है, लेकिन सड़कों का निर्माण अधूरा है, वहीं पानी की लाइनें डालने के बाद घरेलू कनेक्शन का काम भी अधूरा है।