आंवलखेड़ा निवासी योगेंद्र सिंह किसान हैं। उन्होंने बताया कि 23 जनवरी को बाइक से जा रहे थे। रास्ते में एक ट्रक की टक्कर लग गई। इससे वह गिर पड़े। वह घायल हो गए। उन्हें एत्माद्दौला क्षेत्र स्थित डॉ. शशिपाल सडाना के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनके दाएं पैर का ऑपरेशन किया गया।
थाना एत्माद्दौला क्षेत्र के एक अस्पताल में मरीज के परिजनों ने चिकित्सक पर गलत ऑपरेशन का आरोप लगाया। उनका कहना था कि बाएं पैर की हड्डी में समस्या थी, जबकि दाएं पैर का ऑपरेशन कर दिया गया। बृहस्पतिवार को परिजनों के हंगामा करने पर पुलिस आ गई। हालांकि किसी ने शिकायत नहीं की। वहीं डॉक्टर ने आरोप गलत बताए हैं।
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आंवलखेड़ा निवासी योगेंद्र सिंह किसान हैं। उन्होंने बताया कि 23 जनवरी को बाइक से जा रहे थे। रास्ते में एक ट्रक की टक्कर लग गई। इससे वह गिर पड़े। वह घायल हो गए। उन्हें एत्माद्दौला क्षेत्र स्थित डॉ. शशिपाल सडाना के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनके दाएं पैर का ऑपरेशन किया गया। घर जाने पर दर्द में कमी नहीं आई। दर्द बाएं पैर में हो रहा था। इस पर कमला नगर स्थित एक अस्पताल में दिखाया। उनका एक्सरे के बाद सीटी स्कैन कराया गया।
डॉक्टर ने बताया कि दायां पैर बिल्कुल ठीक है, जबकि बाएं पैर के कूल्हे के पास चोट लगी है। इस पर वो डॉ. शशिपाल सडाना के अस्पताल आ गए। इसकी शिकायत की। बृहस्पतिवार दोपहर को हंगामा हो गया। इसकी सूचना पर पुलिस पहुंच गई। मगर, डॉक्टर ने इलाज का आश्वासन दिया। इस पर पुलिस से शिकायत नहीं की गई।
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डॉ. शशिपाल सडाना ने बताया कि मरीज के दोनों पैर के कूल्हे के पास चोट लगी थी। उनकी हड्डी खिंचाव की समस्या थी। इस पर उपचार किया गया था। सही तरीके से ऑपरेशन किए गए। आरोप गलत है। मरीज को सभी रिपोर्ट दिखा दी गई है। वह संतुष्ट हो गए हैं। उन्हें अब किसी तरह की समस्या नहीं है।
थाना एत्माद्दौला के प्रभारी निरीक्षक सत्य देव शर्मा का कहना है कि बाएं पैर की जगह, दाएं पैर का ऑपरेशन करने का आरोप लगाया गया था। हंगामे की जानकारी पर पुलिस पहुंची थी। मगर, मरीज की ओर से शिकायत करने से मना कर दिया गया। इस पर पुलिस आ गई। लिखित शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।