शराब के मामले में ट्रांसपोर्टर सहित छह आरोपी गिरफ्तार
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बिहार में शराब बंदी का तस्कर फायदा उठा रहे हैं। हरियाणा की शराब को दो से तीन गुने दाम में बेचने के लिए ले जाया जा रहा है। चार दिन पहले सदर क्षेत्र में पकड़ी गई एक करोड़ की शराब भी बिहार जानी थी। पुलिस ने इसका खुलासा छह शराब तस्करों को गिरफ्तार करके किया है। इसमें एक ट्रांसपोर्टर भी शामिल है।
एक अगस्त को थाना सदर पुलिस ने सुल्तानपुरा रोड स्थित जगन भवन परिसर की पार्किंग से एक कंटेनर पकड़ा था। इसमें भूसे की बोरियों के पीछे छिपाई गईं हरियाणा की शराब की 811 पेटी मिलीं। रविवार को पुलिस ने छह शराब तस्कर गिरफ्तार कर लिए।
पुलिस अधीक्षक शहर प्रशांत वर्मा ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तों में आरिफ, उसके बेटे सोहेल, शाहरूख (न्यू ख्वासपुरा, शाहगंज), शिवा सोनी उर्फ शिब्बू, गौरव (निवासी राया, मथुरा) और श्यामसुंदर (थाना सहपऊ, हाथरस) हैं।
इनके पास से पिकअप गाड़ी में रखी 50 पेटी (600 बोतल) अंग्रेजी शराब और बरामद हुई। पूछताछ में पता चला कि वह कंटेनर में एक करोड़ की शराब लाए थे। इसे बिहार लेकर जाने वाले थे। सावन में पुलिस की चेकिंग से डरकर कंटेनर को पार्किंग में खड़ा कर दिया था।
एक आरोपी ट्रांसपोर्ट कंपनी का है संचालक
क्षेत्राधिकारी सदर विकास जायसवाल के मुताबिक, शराब की तस्करी करने वाले गैंग के सरगना आरिफ, प्रवीन शिवहरे और सुरेंद्र हैं। पूछताछ में पता चला कि आरोपी आरिफ की सिकंदरा क्षेत्र में हिंदुस्तान रोडवेज के नाम से ट्रांसपोर्ट कंपनी है। उसके पास आठ गाड़ियां हैं। इनमें कंटेनर और पिकअप शामिल हैं।
वह इनका इस्तेमाल शराब की तस्करी में करता है। उसके बेटे भी यही काम करते है। फरार आरोपी प्रवीन शिवहरे, विनोद जादौन, सुरेंद्र खटी उर्फ लाला और अनवर हैं। प्रवीन शिवहरे के शराब के ठेके हैं। वह शराब की खरीद के लिए रुपयों का इंतजाम करता है। बाकी हरियाणा से अंग्रेजी शराब को ट्रक में भरकर लाते हैं।
बिहार में शराब प्रतिबंधित है। इसलिए वहां पर जाकर बेचते हैं। बिहार में शराब टुकड़ों में लेकर जाते हैं। वहां पर दो से तीन गुने दाम में बेच दी जाती है। इससे पहले उनका एक ट्रक चंदौली, एक ट्रक बिहार और एक ट्रक थाना डौकी पुलिस ने पकड़ा था। चंदौली में आरिफ, सुरेंद्र सहित दस आरोपियों पर
गैंगेस्टर की भी कार्रवाई हो चुकी है। वह जमानत पर बाहर हैं।