अदालत के आदेश पर 2019 में एडीए ने तीन अपार्टमेंट में फ्लैट ध्वस्त किए थे। पिछले चार साल से डूब क्षेत्र में एक भी कार्रवाई नहीं की गई। न अवैध निर्माण व कब्जों को खाली करने के लिए प्रशासन ने नोटिस दिए न कोई सर्वे कराया।
उल्टे पांव लौट आते हैं अफसर
दयालबाग क्षेत्र में हो रहे अवैध निर्माणों की शिकायत पर जांच के लिए जाने वाले अफसर उल्टे पांव लौट आते हैं। पोइया घाट पर हुए अवैध निर्माण मामले में भी यही हुआ। राधास्वामी सत्संग सभा ने प्रशासन की रोक के बावजूद अवैध निर्माण नहीं रोका।
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वर्षों से कोर्ट में लंबित मामले
राधास्वामी सत्संग सभा पर जिन जमीनों पर कब्जे का आरोप लगा। उनमें प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई नहीं की। कब्जा होने के बाद 10 से अधिक मामले विभिन्न अदालतों में वर्षों से लंबित हैं। जिनमें प्रशासन की पैरवी भी लचर है। एक भी कब्जा प्रशासन मुक्त नहीं कर सका है।
कब्जे जिन्हें नहीं रोक सका प्रशासन
- दयालबाग टेनरी से जगनपुर के लिए लिंक रोड पर 30 फुट चौड़े रास्ते में पक्की दीवार खड़ी कर कब्जा हो चुका है।
- राधाबाग के पीछे डीपीएस स्कूल लिंक रोड पर 460 मीटर लंबे रास्ते पर पक्की दीवार खड़ी कर अवैध निर्माण हुए।
- पोइया घाट को मुगल रोड से लिंक करने वाले 20 फुट चौड़ी नहर पटरी की सिंचाई भूमि को खेतों में जोत लिया।
- सिकंदरपुर में यमुना किनारे तक दो स्कूल व कॉलेज, फार्म हाउस, गोदाम और अवैध प्लॉट काट मकान बन रहे हैं।
- सिकंदरा स्मारक के पीछे मौजा बाईंपुर में राजस्व की 150 बीघा से अधिक रेत भूमि पर अवैध रूप से खेती हो रही है।
भेजे जाएंगे नोटिस
जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल ने कहा कि यमुना डूब क्षेत्र में हुए कब्जों का सर्वे हो रहा है। नोटिस भेजे जाएंगे। कानूनी प्रक्रिया के तहत निर्माणों को हटाया जाएगा। राधास्वामी सत्संग सभा मामले में पैरवी होगी।