फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Agra News: डूब क्षेत्र में रसूख के आगे बौने हुए नियम, अरबों रुपये की सरकारी जमीन पर हो गए कब्जे

Thu, 10 Aug 2023 02:51 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला, आगरा

सार

आगरा के डूब क्षेत्र में रसूख के आगे नियम बौने दिखाई दे रहे हैं। यहां अरबों रुपये की सरकारी जमीन पर कब्जा कर लिया गया। प्रशासन सिर्फ नोटिस देता रहा, इन्हें रोक नहीं सका। 
विज्ञापन
Agra News: दयालबाग पोइया घाट पर युमना किनारे सत्संगियों ने किया अवैध निर्माण। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

ताजनगरी आगरा के डूब क्षेत्र में रसूख के आगे नियम-कायदे तार-तार हैं। प्रशासन के लचर रवैये से डूब क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध कब्जों का ‘खेल’ चल रहा है। बाईंपुर से लेकर नगला बूढ़ी, सिकंदरपुर, खासपुर, बल्केश्वर तक करीब 15 किमी. डूब क्षेत्र में अरबों रुपये की सरकारी भूमि लापरवाही की भेंट चढ़ गई है।

विज्ञापन


दयालबाग क्षेत्र में आठ से अधिक गांव में एहतमाली भूमि है। राजस्व रिकॉर्ड में जलमग्न दर्ज है। नदी ने धारा क्या बदली, ग्राम सभा से लेकर डूब क्षेत्र तक भूमाफिया सक्रिय हुए। नतीजा 2014 से 2023 तक 500 से अधिक अवैध निर्माण व कब्जे हो गए। सिंचाई व नहर की भूमि तक नहीं बची। हद तो तब हुई जब एडीए ने डूब क्षेत्र में बिना एनओसी नक्शे तक पास कर दिए। दुकान, मकान, फार्म हाउस से लेकर अपार्टमेंट तक खड़े हो चुके हैं।

यह भी पढ़ेंः- श्रीकृष्ण जन्मस्थान के पास चला बुलडोजर: 'जगह को खाली कर दें, यहां बने घर ढहाए जाएंगे', सुनकर सन्न रह गए लोग

विज्ञापन

अदालत के आदेश पर 2019 में एडीए ने तीन अपार्टमेंट में फ्लैट ध्वस्त किए थे। पिछले चार साल से डूब क्षेत्र में एक भी कार्रवाई नहीं की गई। न अवैध निर्माण व कब्जों को खाली करने के लिए प्रशासन ने नोटिस दिए न कोई सर्वे कराया।

उल्टे पांव लौट आते हैं अफसर

दयालबाग क्षेत्र में हो रहे अवैध निर्माणों की शिकायत पर जांच के लिए जाने वाले अफसर उल्टे पांव लौट आते हैं। पोइया घाट पर हुए अवैध निर्माण मामले में भी यही हुआ। राधास्वामी सत्संग सभा ने प्रशासन की रोक के बावजूद अवैध निर्माण नहीं रोका।

यह भी पढ़ेंः- UP News: बेटे की हत्या कर थाने पहुंचा पिता, बोला- 'मैंने उसे मार दिया है, मुझे गिरफ्तार कर लो'

वर्षों से कोर्ट में लंबित मामले

राधास्वामी सत्संग सभा पर जिन जमीनों पर कब्जे का आरोप लगा। उनमें प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई नहीं की। कब्जा होने के बाद 10 से अधिक मामले विभिन्न अदालतों में वर्षों से लंबित हैं। जिनमें प्रशासन की पैरवी भी लचर है। एक भी कब्जा प्रशासन मुक्त नहीं कर सका है।
 
विज्ञापन

कब्जे जिन्हें नहीं रोक सका प्रशासन

  • दयालबाग टेनरी से जगनपुर के लिए लिंक रोड पर 30 फुट चौड़े रास्ते में पक्की दीवार खड़ी कर कब्जा हो चुका है।
  • राधाबाग के पीछे डीपीएस स्कूल लिंक रोड पर 460 मीटर लंबे रास्ते पर पक्की दीवार खड़ी कर अवैध निर्माण हुए।
  • पोइया घाट को मुगल रोड से लिंक करने वाले 20 फुट चौड़ी नहर पटरी की सिंचाई भूमि को खेतों में जोत लिया।
  • सिकंदरपुर में यमुना किनारे तक दो स्कूल व कॉलेज, फार्म हाउस, गोदाम और अवैध प्लॉट काट मकान बन रहे हैं।
  • सिकंदरा स्मारक के पीछे मौजा बाईंपुर में राजस्व की 150 बीघा से अधिक रेत भूमि पर अवैध रूप से खेती हो रही है।

भेजे जाएंगे नोटिस

जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल ने कहा कि यमुना डूब क्षेत्र में हुए कब्जों का सर्वे हो रहा है। नोटिस भेजे जाएंगे। कानूनी प्रक्रिया के तहत निर्माणों को हटाया जाएगा। राधास्वामी सत्संग सभा मामले में पैरवी होगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें