एएसआई की रिपोर्ट के अनुसार 2015 से 2022 तक ताजमहल और सब सर्किल में स्थित संरक्षित स्मारकों में 100 से लेकर 500 मीटर तक 248 अवैध निर्माण हुए हैं। इनके विरुद्ध एएसआई ने तहरीर देकर थाना ताजगंज में एफआईआर कराई। फिर भी पुलिस निर्माण नहीं रोक पाई।
एफआईआर के बाद नए व पुराने 500 से अधिक मामलों में एएसआई महानिदेशक ने ध्वस्तीकरण के आदेश दिए। आदेश फाइलों में धूल फांक रहे हैं। लचर कार्यशैली के कारण एक भी अवैध निर्माण ध्वस्त नहीं हुआ है।
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प्रशासन को करने हैं ध्वस्त
एएसआई नोटिस देता है। एफआईआर कराता है। ध्वस्तीकरण के लिए संसाधन नही। डीजी कार्यालय से 500 से अधिक ध्वस्तीकरण के नोटिस आ चुके हैं। प्रशासन को अवैध निर्माण ध्वस्त करने हैं।
- राजकुमार पटेल, अधीक्षण पुरातत्वविद, एएसआई
कार्रवाई के लिए बनेगी टीम
ताजमहल व अन्य स्मारकों के आस-पास हुए अवैध निर्माण ध्वस्त के लिए टीम बनेगी। कितने नोटिस आए हैं, क्या प्रगति है, समीक्षा करेंगे। क्षेत्रीय मजिस्ट्रेट व पुलिस को कार्रवाई के लिए भेजा जाएगा।
-नवनीत सिंह चहल, जिलाधिकारी
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4 माह में 25 निर्माण ध्वस्त, 44 सील
अवैध निर्माणों को लेकर एक तरफ एएसआई व प्रशासन लापरवाह हैं, दूसरी तरफ आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) शिकंजा कस रहा है। अप्रैल से जुलाई तक 4 माह में 10 वार्डों में 190 अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की गई। पहले निर्माण पर रोक लगाई। फिर 25 निर्माणों पर बुलडोजर चलाया। 44 निर्माण सील किए। जबकि 32 निर्माण शमन शुल्क के रूप में 3.60 करोड़ रुपये वसूले हैं।
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एडीए उपाध्यक्ष चर्चित गौड़ ने बताया कि सबसे ज्यादा अवैध निर्माण ताजगंज वार्ड में हुए हैं। 4 महीने में यहां 93 निर्माणों को नोटिस दिया। 6 निर्माण ध्वस्त और 16 सील हुए हैं। आठ निर्माण शमन कराए हैं। इनके अलावा शाहगंज, रकाबगंज, लोहामंडी, हरीपर्वत 1, 2 व 3 के अलावा छत्ता और कोतवाली वार्ड में अवैध निर्माणों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। जिन वार्डों में अवैध निर्माण चिह्नांकन में अभियंताओं की लापरवाही की शिकायत आएगी तो अभियंताओं के विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी।