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अजब-गजब: अपराध रोकने के लिए सुरक्षा का ज्योतिष, 'चंद्रमा की चाल' देख गश्त करेगी पुलिस

Sat, 01 Feb 2020 02:18 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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यूपी पुलिस
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आगरा रेंज की पुलिस अब चंद्रमा की चाल देखकर कदमताल करेगी। आईजी रेंज ए सतीश गणेश ने बाकायदा निर्देश जारी किए हैं कि पंचांग देखकर रात में गश्त की जाए। उन्होंने अध्ययन के आधार पर यह भी बताया है कि घुमंतू अपराधी कृष्ण और शुक्ल पक्ष की किस-किस तिथि को ज्यादा सक्रिय रहते हैं और वारदात करते हैं। 
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कृष्ण पक्ष की आठ और शुक्ल पक्ष की नौ तिथियों में खतरा ज्यादा है। इनमें शुक्ल पक्ष की तृतीया, चतुर्थी, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी, चतुर्दशी और पूर्णिमा तिथि हैं। कृष्ण पक्ष की चतुर्थी, षष्ठी, सप्तमी, दशमी, द्वादशी, त्रयोदशी, चतुर्दशी, अमावस्या हैं। पूर्णिमा और अमावस्या के मध्य भाग को कृष्ण पक्ष कहा जाता है।

अंधेरे का फायदा उठाते हैं अपराधी 

पूर्णिमा के अगले ही दिन कृष्ण पक्ष शुरू हो जाता है। अमावस्या और पूर्णिमा के बीच के अंतराल को शुक्ल पक्ष कहा जाता है। पुलिस में पहले भी पंचांग के आधार पर गश्त लगती रही हैं। कृष्ण पक्ष यानी उजियारी (जब चांद की रोशनी कम होती है) में ज्यादा गश्त की जाती है, क्योंकि अपराधी अंधेरे का लाभ उठाते हैं।
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शुक्ल पक्ष यान उजियारी (जब चांद की रोशनी ज्यादा होती है) में खतरा कम रहता है। आईजी ने इनमें से उन तिथियों को निकाला है जिनमें पिछले सालों में वारदात ज्यादा हुई हैं। घुमंतू अपराधियों से हुई पूछताछ में भी इन तिथियों को वारदात के लिए चुने जाने की जानकारी मिली।

हाईवे किनारे खतरा ज्यादा

आईजी ने आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी के कप्तानों को निर्देश दिए हैं कि हाईवे के आसपास के इलाकों में गश्त हो, अंधेरा न रहे, सोलर लाइटें लगवाई जाएं। घुमंतू अपराधियों के डेरों में तलाशी की जाए, इनमें जो जेल से छूटे हैं, उनका सत्यापन किया जाए। सड़कों पर रात में भी वाहन चेकिंग की जाए।

राजस्थान से आते हैं बावरिया बदमाश

बावरिया सहित खानाबदोश अपराधियों में कई ऐसे गिरोह हैं जो पुरखों से मिली अपराध की परंपरा को छोड़ नहीं रहे हैं। आगरा, मथुरा में बावरिया गिरोह से खतरा ज्यादा रहता है, राजस्थान में इनकेडेरे हैं। पिछले पांच सालों में कच्छा बनियानधारी गिरोह ने भी कई वारदात की हैं।
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