इन दिनों सोशल मीडिया पर सर्वाइकल कैंसर ट्रेंड में है। सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाला दूसरा सबसे प्रचलित कैंसर है। इस कैंसर से महिलाओं की मौत तक हो जाती है। सर्वाइकल कैंसर की वक्त रहते रोकथाम के लिए आगरा में जिला महिला अस्पताल में जांच की जाती है। यहां प्रतिदिन 30 से 65 वर्ष की उम्र वाली तीन से चार महिलाओं की विजुअल इंस्पेक्शन विद ऐसेटिक एसिड (वीआईए) जांच की जाती है।
अंतरिम बजट 2024 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नौ से 14 साल की बच्चियों को निशुल्क सर्वाइकल कैंसर वैक्सीन लगाने की घोषणा की थी। हाल में अभिनेत्री पूनम पांडे ने सर्वाइकल कैंसर के प्रति जागरूक करने के लिए अपनी मौत की अफवाह सोशल मीडिया पर उड़ाई थी।
पांच वर्ष तक नहीं पड़ती जांच की जरूरत
डॉ. रंजू अग्रवाल ने बताया कि सर्वाइकल कैंसर ह्यूमन पेपिलोमावायरस (एचपीवी) वायरस से होता है। वायरस से कैंसर होने में नौ से 10 साल तक का समय लगता है। शुरुआती दिनों में इसके लक्षण बिल्कुल नहीं दिखते हैं। इसलिए 30 से 65 साल तक की महिलाओं के वीआईए जांच जरूर करा लेनी चाहिए। ताकि वायरस का पता लग सके। रिपोर्ट नेगेटिव आने पर पांच वर्ष तक जांच की जरूरत नहीं पड़ती है। पांच वर्ष बाद जांच जरूर करानी चाहिए।